टल सकता था डबल मर्डर! HPCL अफसरों की हत्या मामले में थानाध्यक्ष और दरोगा नपे

बदायूं के मूसाझाग में HPCL प्लांट में हुए डबल मर्डर ने सनसनी फैला दी है. दिनदहाड़े सबके सामने DGM और असिस्टेंट मैनेजर की गोली मारकर हत्या कर दी गई. पुलिस पर लापरवाही के आरोप लगे हैं, क्योंकि मृतकों को पहले से जान का खतरा था. वहीं, अब मामले में थानाध्यक्ष और दरोगा पर गाज गिरी है.

बदायूं डबल मर्डर: पुलिस लापरवाही और साजिश के आरोप

बदायूं के मूसाझाग थाना क्षेत्र में स्थित हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCL) के कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट में दो अफसरों की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मृतकों में DGM (उप महाप्रबंधक) सुधीर गुप्ता और असिस्टेंट मैनेजर सेल्स हर्षित मिश्रा शामिल हैं. आरोपी कोई और नहीं, पूर्व में प्लांट में पराली का वेंडर अजय प्रताप सिंह उर्फ रामू प्लांट है, जिसे करीब तीन महीने पहले उसकी फर्म को ब्लैकलिस्ट कर दिया गया था.

आरोपी अजय प्रताप, कंपनी से हटाए जाने के बाद से ही अफसरों से खुन्नस मान रहा था. उसने पहले भी जान से मारने की धमकी दी थी. हर्षित मिश्रा ने 4 फरवरी को आरोपी अजय प्रताप सिंह के खिलाफ मूसाझाग थाने में केस दर्ज कराया था और सुरक्षा की मांग भी की थी. बताया जाता है कि सुधीर गुप्ता ने भी आरोपी की धमकियों के कारण वीआरएस (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) ले लिया था और 31 मार्च को उन्हें कार्यमुक्त होना था.

ऑटोमैटिक गन के साथ बोलेरो से 7 लोग पहुंचे थे

हिंदुस्तान पेट्रोलियम का यह कंप्रेस्ड बायोगैस प्लांट सैंजनी गांव में स्थित है, जहां पराली से प्रतिदिन करीब 14 मीट्रिक टन ईंधन का उत्पादन किया जाता है. गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे पहले से खुन्नस लिए आरोपी अजय प्रताप सिंह बोलेरो से प्लांट पहुंचा, गाड़ी में उसके साथ करीब 6 लोग थे. दोपहर 2 बजे शिफ्ट बदलनी थी, इसी का फायदा उठाया गया, प्लांट में प्रवेश के दौरान बोलेरो की ठीक से चेकिंग नहीं की गई.

आरोपी ऑटोमैटिक गन के साथ प्लांट के अंदर पहुंचा है, और सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर देता है. जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई. आरोपी अजय प्रताप सिंह सैंजनी गांव का रहने वाला बताया जा रहा है। वह गांव के प्रधान का चाचा है। उसकी मां किरण देवी कोटेदार हैं. प्लांट भी उसी गांव में स्थित है.

डबल मर्डर पर कई सवाल, एनकाउंटर की मांग

अब इस डबल मर्डर पर कई सवाल खड़ होते हैं? इतनी सुरक्षा के बीच हथियार लेकर हमलावार कैसे दाखिल हुआ,
सिर्फ दो लोगो को ही क्यों मारा जबकि प्लांट मे और भी अधिकारी मौजूद थे? वहीं, सबसे बड़ा सवाल जब सुधीर गुप्ता और हर्षित मिश्रा को पहले से जान का खतरा था और पुलिस को भी मालूम था तो सुरक्षा क्यों नहीं दी गई? मामले में कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

घटना की सूचना मिलते ही ADG बरेली जोन रमित शर्मा और DIG अजय साहनी मौके पर पहुंचे और प्लांट स्टाफ से पूछताछ की. SSP बृजेश सिंह ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है और मामले की जांच की जा रही है. वहीं, लापरवाही बरतने पर मूसाझाग थानाध्यक्ष अजय कुमार और हल्का इंचार्ज धर्मेन्द्र कुमार को निलंबित कर दिया गया है. वहीं, परिजनों की मांग है कि हत्या करने वाले का एनकाउंटर होना चाहिए.

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