सोनौली बॉर्डर पर उज़्बेकिस्तान की महिला गिरफ्तार, दोबारा घुसपैठ करते पकड़ी गई
महाराजगंज में भारत-नेपाल सीमा पर एक विदेशी महिला को गिरफ्तार किया गया है. वह उज़्बेकिस्तान की बताई जा रही है, जो बिना वैध वीजा के भारत में अवैध रूप से प्रवेश करते पकड़ी गई. इससे पहले उसे मुंबई से निर्वासित किया गया था. इसके बावजूद वह नेपाल के रास्ते दोबारा घुसने की कोशिश कर रही थी.
उत्तर प्रदेश के महाराजगंज जिले में भारत-नेपाल सीमा पर सोनौली इलाके में शुक्रवार शाम को उज्बेकिस्तान की एक महिला को गिरफ्तार किया गया. वह बिना वैध वीजा के भारत में कथित तौर पर घुसने की कोशिश कर रही थी. उसे नेपाल के रास्ते भारत में घुसपैठ करते पकड़ा गया. वहीं, जांच में पता चला कि उसे पहले भारत से निर्वासित किया गया था.
आप्रवासन विभाग के जांच अधिकारी प्रमोद कुमार दुबे ने शनिवार को बताया कि उज्बेकिस्तानी महिला का नाम जोइरोवा (36) है. उसे नियमित जांच के दौरान पकड़ा गया. उसके पास उज्बेकिस्तान का पासपोर्ट है लेकिन भारतीय वीजा नहीं है. महिला को इस साल 22 फरवरी को मुंबई एयपोर्ट से ‘एग्जिट परमिट’ के साथ निर्वासित किया गया था.
महिला के खिलाफ ‘लुक आउट सर्कुलर’ भी है जारी
जांच अधिकारी प्रमोद कुमार दुबे ने बताया कि उम्मीदा जोइरोवा पहले निर्वासित होने के बावजूद दोबारा घुसपैठ की कोशिश कर रही थी. उन्होंने बताया कि इतना ही नहीं भारत में दोबारा प्रवेश पर रोक लगाने के लिए उसके खिलाफ एक ‘लुक आउट सर्कुलर’ भी जारी किया गया था. अब वह नेपाल से अवैध रूप से प्रवेश कर गई थी.
महिला ने अवैध रूप से भारत में प्रवेश करने की बात स्वीकार कर ली है. प्रमोद कुमार दुबे ने बताया कि महिला ने माना कि वह 22 अप्रैल को नेपाल के रास्ते से गैर-कानूनी तरीके से भारत में घुसी थी. आप्रवासन अधिकारियों ने उमिदा जुरेवा को आवश्यक कानूनी कार्यवाही हेतु सोनौली थाने को सिपुर्द कर दिया है.
विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा हो रहा दर्ज
सोनौली थाना प्रभारी अजीत प्रताप सिंह ने बताया कि उज्बेकिस्तान की महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है. उसके पास से उज्बेकिस्तान पासपोर्ट की मूल प्रति भी बरामद की गई है. महिला के खिलाफ विदेशी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जा रहा है. उसे आगे न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा सकता है.
