ग्रेटर नोएडा: STF ने ऑनलाइन बेटिंग ऐप गिरोह को पकड़ा, स्कूल को धमकी भरे मेल से भी जुड़े तार
ग्रेटर नोएडा एसटीएफ ने एक बड़े ऑनलाइन बेटिंग ऐप गिरोह का पर्दाफाश किया है. यह गिरोह फर्जी निवेश का लालच देकर ठगी कर रहा था. चौंकाने वाली बात यह है कि छापेमारी में एक ऐसा मोबाइल बरामद हुआ, जिसका संबंध नोएडा के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे मेल से है.
ग्रेटर नोएडा में एसटीएफ ने एक साइबर नेटवर्क से जुड़े बड़े गिरोह का पर्दाफाश किया है. ऑनलाइन बेटिंग एप के जरिए देश-विदेश से ठगी करने वाले गिरोह के 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. चौंकाने वाली बात यह है कि छापेमारी में एक ऐसा मोबाइल फोन बरामद हुआ, जिसका संबंध नोएडा के स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल से है.
स्कूलों को भेजे गए धमकी भरे ईमेल से जुड़ा मोबाइल मिलने से एसटीएफ की टीम भी दंग रह गई. जांच अभी जारी है कि क्या यह गिरोह सीधे धमकी ईमेल से जुड़ा था या नहीं. 23 जनवरी 2026 को नोएडा के 20 से अधिक निजी स्कूलों को बम से की धमकी भरे ईमेल मिले थे, इससे स्कूल प्रशासन और अभिभावकों में हड़कंप में मच गया था.
स्कूल को धमकी भरे ईमेल से शुरू हुई थी जांच
एक साथ नोएडा के 20 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से प्रशासन भी हरकत में आया. मामले को गंभीरता से देखते हुए पुलिस टीमें एक्टिव हई और साइबर क्राइम थाने में आईटी एक्ट की धाराओं में अज्ञात के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज किया गया. शुरुआती जांच में पता चला कि ईमेल एक खास आईपी एड्रेस से भेजा गया था.
जांच में सामने आया कि उसका रिकवरी मेल विदेशी कनेक्शन से जुड़ा हुआ था. तकनीकी साक्ष्य के बाद एसटीएफ ग्रेटर नोएडा के बिसरख कोतवाली क्षेत्र के शाहबेरी इलाके तक पहुंची. जिसमें एक कॉल सेंटर की आड़ में यह सारा खेल चल रहा था. एसटीएफ टीम में शाहबेरी इलाके पर छापे मारा तो अवैध ऑनलाइन बेटिंग नेटवर्क का खुलासा हुआ.
6 आरोपी में तीन नेपाल, दो आगरा, एक बिहार के
अपर पुलिस अधीक्षक एसटीएफ नोएडा राजकुमार मिश्र ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में तीन नेपाली नागरिक भी शामिल है. मुख्य आरोपीय अभिषेक मूल रूप से काठमांडू नेपाल का रहने वाला है और उसने आस्ट्रेलिया से पढ़ाई की है. अन्य आरोपी अनंत कुमार आगरा, दिव्यांश और साहिल कुमार बिहार, लेखनाथ शर्मा और केदारनाथ नेपाल के रहने वाले हैं.
उन्होंने बताया कि पकड़े गए सभी आरोपी एमबीए-बीबीए की पढ़ाई कर चुके हैं. बोलचाल में यह लोग इतने एक्स्पर्ट थे कि विदेश में बैठे लोगों से कई तरह की भाषाओं में बात कर लेते थे. छापेमारी में बरामद एक मोबाइल फोन कि जब जांच की तो उसमें एक रिकवरी ईमेल सक्रिय मिला जिसका संबंध स्कूलों को भेजे गए धमकी संदेशों से था.
बरामद मोबाइल की फोरेंसिक जांच कराई जाएगी
फिलहाल, मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरण की फोरेंसिक जांच कराई जा रही है ताकि यह साफ हो सके की धमकी भरी ईमेल सीधे इसी ग्रुप ने भेजे थे यह किसी अन्य नेटवर्क से इनका जुड़ाव था. टीम ने उनके कब्जे से चार लैपटॉप 22 मोबाइल फोन दो नेपाली पासपोर्ट, फर्जी आधार और पैन कार्ड समेत 16 डेबिट-क्रेडिट कार्ड एक चेक बरामद हुआ है.