कुल्हाड़ी से काटकर पत्नी की हत्या, 9 दिन तक शव को जलाया; क्यों हैवान बना पति? Inside Story
झांसी में एक रिटायर्ड रेलकर्मी ने अपनी तीसरी पत्नी की कुल्हाड़ी से हत्या कर दी. उसने 9 दिनों तक शव के टुकड़ों को जलाया और अवशेष ठिकाने लगाने की कोशिश की. एक कैब ड्राइवर के संदेह पर यह बर्बर अपराध उजागर हुआ. आरोपी ने पत्नी की बढ़ती पैसे की मांग और दूसरे लड़के से संबंध को हत्या का कारण बताया. पुलिस ने आरोपी समेत उसकी दूसरी पत्नी और बेटे को भी गिरफ्तार किया है.
उत्तर प्रदेश के झांसी में तीसरी पत्नी की बर्बरता पूर्वक हत्या के मामले में सनसनीखेज खुलासा हुआ है. झांसी के सीपरी बाजार स्थित ब्रह्मनगर के रहने वाले 64 वर्षीय रिटायर्ड रेलकर्मी ने कुल्हाड़ी से काटकर अपनी तीसरी पत्नी की हत्या की. फिर दो दिनों तक वह शव के साथ उसी कमरे में रहा. यही नहीं, नौ दिनों तक वह रोज शव के एक-एक टुकड़े को आग में जलाता रहा. फिर दसवें दिन वह शव के अवशेष और राख आदि को पोटली में बांधकर ठिकाने लगाने निकला था, लेकिन एक कैब ड्राइवर को शक हो गया. इससे पूरे मामले का खुलासा हो गया.
पुलिस की पूछताछ में आरोपी राम सिंह परिहार उर्फ बृजभान ने बताया कि उसकी दो शादी हुई. वहीं, करीब 10 साल पहले वह इस लड़की प्रीति के संपर्क में आया और उसे पत्नी की तरह रखने लगा. आरोपी ने बताया कि शुरू में तो सबकुछ ठीक था, लेकिन बाद में उसकी तीसरी पत्नी प्रीति का व्यवहार बदल गया. आरोपी ने बताया कि उसकी पत्नी किसी अन्य लड़के के संपर्क में थी और उसकी जरूरतों के लिए पैसे की डिमांड करती थी.
पैसे की वजह से कलह
बृजभान ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वह पहले ही अपने पेंशन खाते से करीब 20 लाख रुपये प्रीति को दिए थे. लेकिन उसकी मांग लगातार बढ़ रही थी. इससे परेशान होकर उसने प्रीति से छुटकारा पाने की फिराक में लग गया था. इसी क्रम में उसने 20 दिन पहले ही ब्रह्मनगर में किराए का घर लिया. इस घर में वह 8 जनवरी को प्रीति के साथ शिफ्ट हुआ, जहां उसने कुल्हाड़ी से वारकर उसकी हत्या कर दी.
बदबू फैली तो शव को ठिकाने लगाया
आरोपी ने बताया कि उसने शव के टुकड़े किए और एक-एक कर उसे जला दिया. फिर उसने कमरे में फैले खून को साफ किया और दो दिन तक शव के साथ उसी कमरे में रहा. वहीं बदबू के मारे घर में रहना मुश्किल हो गया तो उसने शव को ठिकाने लगाने का फैसला किया. वारदात से पहले ही आरोपी ने मुक्तिधाम से रसीद बनवा ली और उस रसीद पर डेढ़ क्विंटल लकड़ियां भी खरीद ली थी.
ऐसे हुआ खुलासा
आरोपी ने बताया कि 17 जनवरी की रात उसने शव के टुकड़ों को ठिकाने लगाने के लिए 400 रुपये में एक पिकअप बुक किया और लेकर चल दिया. हालांकि बक्से से उठती बदबू और टपकते पानी को देखकर ड्राइवर को शक हुआ. इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दे दी. इसके बाद पहुंची पुलिस ने बक्सा खोला तो उसमें राख और 2 से 3 इंच के जले हुए हड्डियों के टुकड़े देखकर पुलिस के भी कान खड़े हो गए. इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को धर दबोचा है. इस मामले में पुलिस ने आरोपी की दूसरी पत्नी गीता और बेटे नितिन को भी गिरफ्तार किया है.