उम्रकैद से बचने की साजिश, अपनी मौत दिखाने के लिए दोस्त की कर दी हत्या, फिर शव को कार में जलाया
सहारनपुर पुलिस ने रोहित हत्याकांड का खुलासा किया है. रेप केस में आजीवन कारावास के डर से आरोपी दोस्त ने रोहित के शव को कार में जलाया, अपनी मौत का नाटक रचा. उसने अपनी पहचान छिपाने और गुमशुदगी दर्ज कराकर पुलिस को गुमराह करने की भी कोशिश की, पर आखिर में पकड़ा गया.
पुलिस ने गागलहेड़ी के सनसनीखेज रोहित हत्याकांड का रविवार को खुलासा कर दिया. पुलिस ने बताया कि उम्रकैद की सजा से बचने के लिए अर्जुन ने अपने ही दोस्त रोहित की हत्या की, फिर शव को कार में जला दिया. आरोपी ने पहचान छिपाने के लिए अपने बाल छोटे करवा लिए. साथ ही भाई से थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने को कहा, ताकि लगे वह मर चुका है.
पुलिस पूछताछ में अर्जुन ने बताया कि वह 2024 से देहरादून में एक ब्यूटी पार्लर में चालक था. पार्लर में काम करने वाली एक युवती ने उसपर डालनवाला थाने में बलात्कार का मुकदमा दर्ज कराया था, जिसमें वह करीब छह माह जेल में रहा. वकील ने उम्रकैद की आशंका बताई थी, जिससे वह डर गया और खुद की मौत दिखाकर मुकदमे से बचने की योजना बनाई.
अपने दो दोस्तों के साथ हत्या की योजना बनाई
अर्जुन ने यह भी बताया कि लॉकडाउन के दौरान वह पैठ क्षेत्र में लोगों को ब्याज पर रुपये देने का काम करता था. इसी दौरान उसने ग्राम मौहम्मदपुर कन्धेला, थाना फतेहपुर निवासी रोहित पुत्र पाली को रुपये उधार दिए थे, जो ब्याज सहित लगभग 1 लाख 70 हजार रुपये हो गए थे. बाद में रोहित के गायब हो जाने पर वह उससे रंजिश रखने लगा.
इस बीच, करीब एक माह पहले उसे पता चला कि रोहित स्मैक का आदी हो चुका है. इसके बाद उसने दोबारा रोहित से दोस्ती बढ़ाई, अपने साथियों रोबिन और सारिक के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बना ली. सारिक से उसकी मुलाकात जेल में हुई थी. योजना के तहत उसने एक ऑल्टो कार खरीदी, 24 फरवरी 2026 को अपने साथी रोबिन के साथ घर से निकला.
अर्जुन-सारिक ने मफलर से रोहित का गला घोंटा
आरोपी ने बताया कि रास्ते में रोबिन ने पेट्रोल पंप से दो प्लास्टिक कैनों में पेट्रोल भरवाया. इसके बाद भगवानपुर क्षेत्र में मढ़ी से पहले सारिक को भी बुला लिया गया. तीनों ने शराब का सेवन किया. इसके बाद रोबिन कार से मौहम्मदपुर कन्धेला पहुंचा और रोहित को साथ ले आया. रोहित को नशा कराया गया और फिर चारों दो गाड़ियों से घटना स्थल की ओर रवाना हो गए.
मौके पर अर्जुन और सारिक ने मफलर से रोहित का गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी. हत्या के बाद शव को ऑल्टो कार की ड्राइवर सीट पर रखा. मफलर का एक सिरा मृतक के गले में और दूसरा कार के बोनट पर रखा गया. कार के ड्राइविंग साइड का एक बोल्ट खोल दिया गया और एक रॉड आदि कार की छत पर रख दी गई, ताकि यह सड़क दुर्घटना लग सके.
मृतक की चप्पलें कुछ दूरी पर फेंका, लगा दी आग
इसके बाद सारिक और रोबिन ने कार को धक्का दिया, जबकि अर्जुन ने स्टेयरिंग संभाला, लेकिन कार पुलिया में फंस गई.
शक से बचने के लिए मृतक की चप्पलें कार से कुछ दूरी पर फेंक दी गईं. इसके बाद अर्जुन ने एक पेट्रोल कैन से कार के अंदर आग लगा दी. आग लगाते समय अर्जुन स्वयं भी झुलस गया और उसका चेहरा जल गया था.
घटना के बाद तीनों आरोपी किआ सोनेट कार से मौके से फरार हो गए. रोबिन ने अर्जुन और सारिक को सारिक के गांव के पास उतार दिया. इसके बाद अर्जुन और सारिक देहरादून चले गए. अर्जुन ने बताया कि पहचान छिपाने के लिए उसने बाल छोटे करवाए, साथ ही अपने भाई विजय सागर से गुमशुदगी दर्ज कराने को कहा, ताकि यह लगे की उसकी भी मौत हो चुकी है.
