हनीट्रैप या किडनैपिंग… दिल्ली के कारोबारी का मथुरा में टुकड़ों में मिला शव, पुलिस के रडार पर ‘विषकन्या’
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लापता कारोबारी अनुरूप गुप्ता का शव 10 दिन बाद मथुरा में टुकड़ों में मिला है. पुलिस को हनीट्रैप का संदेह है, जिसमें एक 'विषकन्या' की भूमिका अहम है. हालांकि पुलिस फिरौती या प्रेम जाल में फंसाकर हत्या की आशंका पर भी मामले की जांच कर रही है. सीसीटीवी और मोबाइल कॉल खंगाले जा रहे हैं.
राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से लापता एक कारोबारी का शव 10 दिन बाद उत्तर प्रदेश के मथुरा में मिला है. उनके शव के कई टुकड़े कर अलग अलग स्थानों पर फेंका गया था. इस कारोबारी की पहचान 48 वर्षीय कारोबारी अनुरूप गुप्ता के रूप में हुई है. वह दिल्ली के द्वारका इलाके से 18 फरवरी को लापता हुए थे. पुलिस को अंदेशा है कि यह वारदात हनीट्रैप का हिस्सा हो सकता है. पुलिस की जांच में एक महिला संदिग्ध है.
मथुरा पुलिस के मुताबिक द्वारका सेक्टर-14 स्थित राधिका अपार्टमेंट में रहने वाले कारोबारी अनुरूप गुप्ता छत्तीसगढ़ सदन में कैंटीन चलाते हैं. वह 18 फरवरी को संदिग्ध परिस्थिति में लापता हो गए थे. काफी खोजबीन के बाद भी जब उनकी कोई खबर नहीं मिली तो परिजनों ने बिंदापुर थाने में उनकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी. दिल्ली पुलिस 10 दिन से कारोबारी की तलाश कर रही थी. इसी बीच मथुरा पुलिस को कई टुकड़ों में एक व्यक्ति का शव मिल गया.
परिजनों ने की पहचान
सूचना मिलने पर कारोबारी के परिजनों के साथ 28 फरवरी को मथुरा पहुंची दिल्ली पुलिस ने शव की पहचान कराई. इसके बाद मथुरा पुलिस ने फोरेंसिक टीम की मदद से मामले की जांच पड़ताल शुरू कर दी है. पुलिस के मुताबिक शव की पहचान मिटाने के लिए कई टुकड़ों में काटकर अलग अलग स्थानों पर फेंका गया था. आशंका है कि वारदात को कहीं और अंजाम दिया गया, लेकिन यहां मथुरा में ठिकाने लगाया गया है.
विषकन्या का क्या रोल?
पुलिस के मुताबिक कारोबारी के अपहरण में एक महिला की भूमिका मिली है. आशंका है कि इस महिला ने कारोबारी को अपने प्रेम जाल में फंसाया और मौका देखकर उसके साथियों ने अगवा कर लिया. आशंका यह भी है कि कारोबारी को फिरौती के लिए अगवा किया गया. फिलहाल पुलिस मामले की पड़ताल के लिए बिंदापुर से मथुरा तक के सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है. इसके अलावा कारोबारी के मोबाइल पर आए आखिरी फोन कॉल को भी खंगाला जा रहा है.
