पहले हुई बर्खास्तगी, अब कुर्क होगी 5 करोड़ की संपत्ति; बुजुर्गों का पेंशन हड़पने वाले अफसर की बढ़ी मुश्किलें
शाहजहांपुर में बुजुर्गों की पेंशन हड़पने वाले पूर्व जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार की मुश्किलें बढ़ गई हैं. बर्खास्तगी के बाद अब गैंगस्टर एक्ट के तहत उनकी करीब 5 करोड़ की संपत्ति कुर्क होगी. डीएम ने राजेश कुमार और उसके पत्नी और बेटे के नाम दर्ज संपत्तियों को जब्त करने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई 2390 बुजुर्गों की 2.5 करोड़ से अधिक की पेंशन गबन मामले में हो रही है.
उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर जिला समाज कल्याण अधिकारी रहे राजेश कुमार की मुश्किलें बढ़ती जा रही हैं. बुजुर्गों की पेंशन हड़प कर खा जाने वाले इस अफसर को पहले बर्खास्त किया गया और अब उनकी करीब पांच करोड़ की संपत्ति कुर्क करने की तैयारी है. इस संबंध में शाहजहां पुर के डीएम धर्मेंद्र प्रताप सिंह ने कुर्की ऑर्डर जारी कर दिया है. अपने आदेश में डीएम ने पूर्व अफसर राजेश कुमार के साथ ही उसके बेटे और पत्नी के नाम दर्ज संपत्तियों को भी कुर्क करने का फरमान जारी किया है.
अधिकारियों के मुताबिक इन तीनों के नाम से दर्ज संपत्तियों की अनुमानित कीमत चार करोड़ 49 लाख 24 हजार 948 रुपये से अधिक है. इस अफसर के भ्रष्टाचार का खुलासा मार्च 2023 में हुआ था. इसके बाद साल 2024 में पुलिस ने गैंगस्टर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया था. इसी क्रम में पुलिस और प्रशासन ने पहले इन सभी संपत्तियों को चिन्हित किया. वहीं अब डीएम के आदेश के बाद इन संपत्तियों के आसपास ढोल नगाड़े के साथ मुनादी करते हुए कुर्की की कार्रवाई की जाएगी.
यह है मामला
जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक साल 2023 में समाज कल्याण विभाग में वृद्धावस्था पेंशन घोटाले का खुलासा हुआ था. मामले की जांच में पता चला कि बैंक खाते की डिटेल में हेराफेरी कर 2390 बुजुर्गों की पेंशन की राशि हड़प ली गई है. यह घोटाला करीब दो करोड़ 52 लाख रुपये से भी अधिक का था. इस मामले में तत्कालीन जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार समेत नौ लोगों के खिलाफ सदर बाजार थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई थी. पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर उसी समय जेल भेज दिया था.
2025 में दर्ज हुआ गैंगस्टर एक्ट
इसी मामले में सदर बाजार थाने के प्रभारी निरीक्षक रवींद्र सिंह ने एक जून 2024 को उत्तर प्रदेश गिरोहबंद समाज विरोधी क्रिया कलाप निवारण अधिनियम 1986 की धारा 2 और 3 के तहत सभी नौ आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज किया था. रिपोर्ट में कहा गया था कि सभी नौ आरोपियों द्वारा गिरोह बनाकर योजनाबद्ध ढंग से 2022-23 के वृद्धावस्था पेंशन योजना के पात्र लाभार्थियों के स्थान पर पीएफएफएस सर्वर में अपना डोंगल और डिजिटल हस्ताक्षर कर अपात्र व्यक्तियों के खाता परिवर्तन कर सरकारी धन का गबन किया गया है. इसमें राजेश कुमार को गैंग का सरगना बताया गया था. इसी मामले में कार्रवाई करते हुए डीएम ने कुर्की ऑर्डर जारी किया है.
पिछले साल हुई बर्खास्तगी
इस मामले में सरकार ने पिछले साल नौ नवंबर को जांच पूरी होने के बाद जिला समाज कल्याण अधिकारी राजेश कुमार को बर्खास्त कर दिया था. अब डीएम के आदेश पर इनकी सभी चल और अचल संपत्तियों की कुर्की होने जा रही है. अधिकारियों के मुताबिक राजेश कुमार, उनकी पत्नी और बेटे के नाम पर कई गाड़ियां है. इसके अलावा सीतापुर के अटरिया गांव में कृषि भूमि उसकी पत्नी मंगीता सिंह के नाम पर है. वहीं लखनऊ के ग्राम पारा रिंग रोड पर एक 120.817 वर्गमीटर में निर्मित भवन और लखनऊ के काकोरी में गांव सरोसा भरोसा स्थित एक गेस्ट हाउस को भी कुर्क किया जाएगा.