‘पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए’, एनकाउंटर पर सवाल उठाने वालों को CM योगी का जवाब
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने यूपी में लगातार हो रहे एनकाउंटर पर सवाल उठाया था. अब सीएम योगी ने इशारों में हाईकोर्ट की टिप्पणी का जवाब देते हुए कहा कि अपराधियों के खिलाफ हमारी जो जीरो टॉलरेंस वाली नीति है, उससे समझौता नहीं किया जाएगा. लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मारी? तो क्या पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए.
उत्तर प्रदेश पुलिस पर अपराधियों के खिलाफ पुलिस की मुठभेड़ की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठ रहे थे. अब इन सवालों का सीएम योगी जवाब दिया है. सीएम योगी आदित्यनाथ ने यूपी में अपराध को लेकर जीरो टॉलरेंस की अपनी नीति को फिर से स्पष्ट किया है.
सीएम योगी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ हमारी जो जीरो टॉलरेंस वाली नीति है, उससे समझौता नहीं किया जाएगा. लोग सवाल उठाते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों मारी? तो क्या पुलिस गोली न मारे तो क्या गोली खाए. उन्होंने आगे कहा कि जो जिस भाषा में समझेगा उसी भाषा में जवाब दिया जाएगा.
कानून सबके लिए बराबर- सीएम योगी
सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने तय किया है कि कानून सबके लिए बराबर हो. यहां कोई अपना पराया नहीं है. गलत करने वालों पर वही कठोर कानून लागू होगा, जो माफियाओं पर लागू होता है. हमारा प्रयास रहा है कि जो भी कार्रवाई हो कानून के दायरे में रहकर हो. लेकिन अगर अपराधी कानून से भयभीत नहीं है, तो उसे उसी की भाषा में समझाना जरूरी हो जाता है, जो भाषा उसे समझ जाती है.
‘पुलिस को अपराधियों से मुकाबले के लिए दिया गया है पिस्टौल’
सीएम योगी ने कहा कि अगर अपराधी के पास गोली चलाने की स्वतंत्रता है तो पुलिस के पास भी पिस्टौल है. उसे यह पिस्टौल इसलिए दिया गया है कि वह अपराधियों का डटकर मुकाबला करे. अपराधी जिस भी भाषा में समझता है, उसे उसी भाषा में जबाव दे सके.
हाईकोर्ट ने यूपी में एनकाउंट पर क्या की थी टिप्पणी
हाल ही में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पुलिस के एनकाउंटर्स पर सवाल उठाते हुए कहा था कि अदालत में इस तरह के मामले अक्सर सामने आते हैं, जिसमें मामूली अपराधों में भी पुलिस अंधाधुंध फायरिंग कर इन्हें मुठभेड़ करार दे देती है. इन मुठभेड़ों में किसी भी पुलिसकर्मी को किसी तरह की कोई चोटें नहीं आती है. कोर्ट ने कहा था कि सजा देने का अधिकार सिर्फ कोर्ट के पास है, पुलिस के पास नहीं. हाईकोर्ट ने यह टिप्पणी मिर्जापुर के राजू राजकुमार और दो अन्य आरोपियों की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान की थी. कोर्ट ने इस मामले पर डीजीपी और गृह सचिव से जवाब मांगा है.
