शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने प्रयागराज जा रहे थे पूर्व MLC दीपक सिंह, प्रशासन ने किया नजरबंद

पूर्व एमएलसी दीपक सिंह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने प्रयागराज जाने को लेकर अड़े हुए थे.ऐसे में प्रशासन ने दीपक सिंह को अमेठी के गौरीगंज पहुंचते ही पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया है.

पूर्व एमएलसी दीपक सिंह

ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने अपना धरना खत्म कर दिया है. वह मौनी अमावस्या के स्नान के मौके पर प्रयागराज प्रशासन के साथ हुए विवाद के बाद लगातार 11 दिनों से अनशन पर बैठे थे. इस बीच शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने जा रहे पूर्व एमएलसी दीपक सिंह को प्रशासन की तरफ से नजरबंद करने की खबर आ रही है.

पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में किया गया नजरबंद

समर्थकों के साथ घर से निकल कर गौरीगंज पहुंचते ही पूर्व एमएलसी दीपक सिंह को प्रशासन ने पीडब्ल्यूडी गेस्ट हाउस में नजरबंद कर लिया. प्रशासन के मना करने के बाद भी वह शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने प्रयागराज जाने को लेकर अड़े हुए थे. उन्होंने कहा कि शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने की श्रद्धा रोकना नामुमकिन है. दीपक सिंह ने कहा कि वे शंकराचार्य से मिलने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं. उन्हें उनसे मिलने के लिए कोई नहीं रोक सकता है.

राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह के बयान पर भड़के दीपक सिंह

पूर्व एमएलसी दीपक सिंह राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह पर भी भड़क उठे. दरअसल मयंकेश्वर शरण सिंह ने कहा था कि किसी व्यक्ति का शंकराचार्य को मानना या न मानना उसका निजी विचार हो सकता है. इस बयान पर पलटवार करते हुए दीपक सिंह ने कहा कि ये कम पढ़े लिखे होगे. भाजपा में दो तरह के मंत्री हैं. एक पढ़े लिखे ,दूसरे अनपढ़. 1954 और 1972 में सुप्रीम कोर्ट ने कहा है किसी को शंकराचार्य बनाने और हटाने का अधिकार नहीं है.

दीपक सिंह ने आगे कहा कि कालनेमी की तरह बातें करने वालों के शंकराचार्य कोई ऐसे संत हो सकते हैं जो किसी दुराचार के मामले में जेल गए हो. फिर दुराचार और चुनाव प्रचार के लिए पैरोल दिला कर बाहर लाते हो. ऐसे संत ही उनके शंकराचार्य होते हैं.