शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से अचानक मिलने पहुंचे अखिलेश यादव, क्या है पूरा माजरा

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने लखनऊ में आज शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की. इस दौरान उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद थीं.

अखिलेश यादव और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद लखनऊ प्रवास पर हैं. यहां उन्होंने बुधवार को कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल आशियाना में गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद भी किया. इस बीच समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने आज अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात की. उनके साथ पूर्व सांसद अनु टंडन भी मौजूद थीं. इस मुलाकात के बाद अखिलेश ने कहा, ‘पूजनीय शंकराचार्य जी से मैं अभी मिलकर आ रहा हूं… उनसे आशीर्वाद और ज्ञान लेने हम लोग यहां पहुंचे हैं.’

अखिलेश ने अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने का किया था वादा

माघ मेला में मौनी अमावस्या के दिन शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के साथ प्रयागराज प्रशासन के विवाद के बाद उनसे मिलने कई नेता जा चुके हैं. प्रशासन के साथ विवाद के बाद जब अविमुक्तेश्वरानंद अनशन पर बैठे थे, तब सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने फोन पर बातचीत कर अपना समर्थन जताया था.

अविमुक्तेश्वरानंद से मुलाकात के बाद क्या बोले अखिलेश

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने के बाद अखिलेश यादव ने मीडिया कर्मियों से भी बात की. उन्होंने कहा, ‘पूजनीय शंकराचार्य जी से मैं अभी मिलकर आ रहा हूं… उनसे आशीर्वाद और ज्ञान लेने हम लोग यहां पहुंचे हैं.’ इससे पहले शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से फोन पर बातचीत करते हुए जल्द मिलने का वादा किया था.

अखिलेश यादव ने बीजेपी पर साधा निशाना

अखिलेश यादव ने आगे कहा, ‘प्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सरकार ही नहीं चल रही है. SSS नाम की जो बैठक हुई है उसमें सुनने में आया है कि दोनों डिप्टी सीएम को डपट के बाहर निकालने को कहा गया है. हो सकता है जनता के बीच में ये लोग जाएं तो जीते ही ना.’ अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि सपा की सरकार थी तो उस समय गाय की सेवा को लेकर हम लोगों ने बहुत फैसले लिए. भविष्य में भी जो कुछ कर सकते हैं गाय की सेवा के लिए वह करेंगे.

इस मुलाकात के बाद और गरमा सकती है सियासत

कहा जा रहा है कि अखिलेश के शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद से मिलने पर राज्य में इस मुद्दे पर सियासत और ज्यादा गरमा सकती है. अविमुक्तेश्वरानंद ने 11 मार्च को लखनऊ में कांशीराम स्मृति सांस्कृतिक स्थल आशियाना में आयोजित गौ-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान का शंखनाद किया. इस दौरान उन्होंने कहा कि शंकराचार्य ही सनातन की सर्वोच्च न्यायालय हैं.

अविमुक्तेश्वरानंद ने चतुरंगिणी सेना का गठन का किया ऐलान

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान के दौरान चतुरंगिणी सेना का गठन करेंगे, जो नागा साधुओं की परंपरागत सेना की तर्ज पर होगी. यह सेना गौ-रक्षा और सनातन धर्म की सुरक्षा के लिए काम करेगी. अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने आगे कहा कि धार्मिक समाज में धर्मनिरपेक्ष शपथ नहीं, बल्कि धर्म की शपथ ही ली जाएगी. यदि परिस्थितियां बिगड़ीं तो शस्त्र उठाने से भी परहेज नहीं किया जाएगा.

गौ-युद्ध परिक्रमा यात्रा करने की घोषणा

शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने गौ-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान के दौरान एक और ऐलान किया है. उन्होंने उन्होंने 81 दिनों की गविष्ठि यात्रा गौ-युद्ध परिक्रमा यात्रा करने की घोषणा की. यह यात्रा 3 मई 2026 से गोरखपुर से शुरू होकर 23 जुलाई 2026 को वहीं समाप्त होगी. यात्रा के बाद 24 जुलाई को गोरखपुर में ही बड़ी सभा होगी. यहां बड़ी संख्या में संत इकट्ठा होंगे.

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