जालौन में यात्रियों से भरी एक प्राइवेट बस के पलटने से बड़ा हादसा हो गया. इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग घायल हो गए. हादसा तेज रफ्तार और हेल्पर द्वारा बस चलाने की लापरवाही के कारण हुआ. बस संचालक पर यात्रियों की जान से खिलवाड़ का आरोप लगा है. पुलिस ने जांच शुरू कर दी है.
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि सनातन धर्म में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है. इसलिए सरकार को गाय को पशु सूची से हटाकर 'गौमाता' घोषित करना चाहिए. साथ ही 'नकली हिंदुओं' से सनातन धर्म को खतरे की बात कही. उन्होंने गौहत्या रोकने के लिए समाज से एकजुट होने का आह्वान किया.
जालौन में घरेलू कलह के चलते एक मां ने अपनी ही 4 साल की बेटी का गला घोंट दिया. पुलिस के अनुसार पूछताछ में भी आरोपी मां ने गुस्से में बच्ची की हत्या करने की बात स्वीकार कर ली है. हालांकि, पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी.
जालौन में एंटी करप्शन टीम ने भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. टीम ने उरई तहसील में राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) समेत दो लोगों को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया. शिकायत मिलने के बाद झांसी भ्रष्टाचार निवारण संगठन की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से ट्रैप कर दोनों आरोपियों को दबोचा है.
उत्तर प्रदेश के जालौन में झूठे छेड़खानी के आरोप और पुलिस प्रताड़ना से तंग 20 वर्षीय लोकेंद्र ने यमुना में कूदकर आत्महत्या कर ली. सुसाइड से पहले उसने एक वायरल वीडियो में अपने दर्द और पुलिस पर मारपीट के गंभीर आरोप लगाए हैं. घटना के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप है और परिजन निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं.
जालौन में एक अपहरण केस में दबिश देने गए 4 पुलिस वालों समेत 5 लोगों की सड़क हादसे में मौत हो गई. मृतकों में कोतवाली उरई, जालौन के दो दरोगा सत्यभान सिंह और मोहित कुमार यादव तथा सर्विलांस सेल के दो सिपाही प्रदीप कुमार और अशोक कुमार शामिल हैं. पांचवे मृतक की पहचान अपहरण मामले के शिकायतकर्ता अमरीक सिंह के तौर पर हुई है.
जालौन में भीषण सड़क हादसा हुआ है. यहां एक टवेरा कार ट्रक में जा घुसी. इसमें 6 लोगों की मौत हो गई. टवेरा कार में सवार सभी लोग अयोध्या से दर्शन कर ललितपुर लौट रहे थे. हादसे की वजह कार ड्राइवर को झपकी आना बताया जा रहा है.
यूपी बोर्ड रिजल्ट के बाद दुखद घटनाएं सामने आईं हैं. जालौन में 12वीं में फेल होने के बाद एक छात्रा ने आत्महत्या कर ली, जबकि बस्ती में 10वीं की छात्रा ने रिजल्ट के डर से जान दे दी, जबकि वह पास हो गई थी. यह घटनाएं परीक्षा परिणाम के दबाव और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को उजागर करती हैं.