जालौन की जन चौपाल में 8 वर्षीय राधिका ने अपनी मार्मिक कहानी सुनाई. कहा कि मां के निधन और पिता के छोड़ जाने के बावजूद भी वह पढ़ लिखकर अफसर बनना चाहती है. जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने भावुक होकर राधिका की शिक्षा व जरूरतों की पूरी जिम्मेदारी उठाने की घोषणा की. उसे सरकारी योजनाओं से जोड़ने का निर्देश दिया गया.
रेलवे के रिटार्यड कर्मचारी राम सिंह ने अपनी तीसरी पत्नी प्रीति(32 साल) का मर्डर कर दिया. फिर शव को नीले बक्से में रखकर जला दिया.इसके बाद शव की राख और अवशेषों को बोरियों में भरा. इसे अलग-अलग स्थानों पर ठिकाने लगाने की कोशिश रहा था. इस दौरान एक टैक्सी ड्राइवर की सतर्कता के चलते पकड़ा गया.
जालौन के एट में एक फर्नीचर कारखाने में भीषण आग लग गई, लाखों रुपये का नवनिर्मित फर्नीचर जलकर राख हो गया. आग बुझाने के लिए दमकल एक घंटे देरी से पहुंची. गनीमत रही कि कोई जनहानि नहीं हुई, पर भारी आर्थिक नुकसान हुआ है. शुरुआती जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट को बताया जा रहा है.
जालौन में अवैध संबंधों के चलते बड़े भाई की हत्या का सनसनीखेज खुलासा हुआ है. छोटे भाई ने अपनी भाभी से अवैध संबंध होने के कारण बड़े भाई को कुल्हाड़ी से काट डाला. आरोपी ने अब अपना जुर्म कबूल कर लिया है. उसने आपत्तिजनक स्थिति में पकड़े जाने के बाद भाई की हत्या की योजना बनाई थी.
जालौन में घरेलू विवाद ने खूनी मोड़ ले लिया, जहां पत्नी ने पति की डंडे से मार-मार कर मौत के घाट उतार दिया. पति जालौन में सिंचाई विभाग कार्यालय में रनर के पद पर तैनात था. पहले मामले को छिपाने की कोशिश की गई, लेकिन पुलिस पूछताछ में पत्नी ने अपना जुर्म कबूल कर लिया.
जालौन में कक्षा 11वीं की छात्रा ने परिवार से आईफोन दिलाने की जिद कर रही थी. परिवार की आर्थिक स्थिति सही नहीं होने के चलते वे उसकी मांग नहीं पूरा कर पाए. ऐसे में नाराज होकर छात्रा ने चूहा मारने की दवा खाकर अपनी जान दे दी.
जालौन में इंस्पेक्टर अरूण कुमार राय की मौत के मामले की जांच वैज्ञानिक तरीके से की जा रही है. इस मामले में गन पाउडर रिज़िड्यू (GSR) टेस्ट का भी सहारा लिया गया. इसकी रिपोर्ट आने के बाद तय हो जाएगा कि गोली किस दिशा से चली, कितनी दूरी से फायर हुई और ट्रिगर दबाने वाले की असल पोजीशन क्या थी.
जालौन में दरोगा अरुण राय की मौत के मामले में एक बड़ा खुलासा हुआ है. सूत्रों के मुताबिक इंस्पेक्टर पिछले तीन महीनों से घर पर पैसा नहीं भेज रहे थे. वह सारा खर्च मीनाक्षी पर कर रहे थे. इससे इंस्पेक्टर के परिवार में भी आर्थिक व मानसिक तनाव बढ़ गया था.