उमाशंकर सिंह बलिया जिले के रसड़ा तहसील क्षेत्र के खनवर गांव के रहने वाले हैं. वह अब भी जब बलिया आते हैं तो अपने पुश्तैनी घर पर ही रुकते हैं. उमाशंकर सिंह ने अपने पुश्तैनी घर के सामने ही नया आलीशान महल जैसा आवास बनवाया है. यहां वह अपनी पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलते हैं.
बलिया में 9 साल के मासूम की हत्या का सनसनीखेज मामला सामने आया है. मासूम की जान किसी और ने नहीं बल्कि उसके सगे चाचा ने ले ली. आरोपी का कोई संतान नहीं है और भाभी द्वारा निर्बंस का ताना मारने से नाराज होकर यह कदम उठाया. आरोपी ने बच्चे की निर्मम हत्या कर शव घाघरा नदी में फेंक दिया था.
बलिया के सपा सांसद सनातन पांडेय ने रेलवे के कार्यक्रम में मुख्य अतिथि न बनाए जाने पर गहरा रोष व्यक्त किया है. उन्होंने प्रभारी मंत्री को मुख्य अतिथि बनाने पर आपत्ति जताई और कहा, "मन कर रहा है कि अभी इस मंत्री को उठाकर फेंक दूं." पांडेय ने अधिकारियों को भी चेतावनी दी, नियम विरुद्ध कार्य करने पर जूता खाने तक की बात कही.
उत्तर प्रदेश के बलिया में एक दुखद घटना सामने आई है, जहां एक लड़की के दो बॉयफ्रेंड होने का राज खुलने पर दोनों प्रेमियों ने जहरीला पदार्थ खा लिया. इस हृदयविदारक मामले में एक प्रेमी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती है. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में SIR ड्राफ्ट के तहत 4.5 लाख से अधिक मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि जिन क्षेत्रों में भाजपा के विधायक हैं, वहीं सबसे ज्यादा वोट कटे हैं, जबकि विपक्षी विधायकों के क्षेत्रों में कम नाम डिलीट हुए. जिलाधिकारी के अनुसार, ये नाम मृत्यु या पते में बदलाव के कारण हटाए गए हैं. अब इस लिस्ट पर आपत्तियां दर्ज कराने की अंतिम तिथि 6 फरवरी है.
बलिया से सांसद सनातन पांडे ने एक विवादित बयान दिया है. समाजवादी पार्टी की एक बैठक दौरान उन्होंने कहा कि बीजेपी 2014 के चुनावी वादों को पूरा नहीं कर पाई थी. इसलिए साजिश कर 2019 के लोकसभा चुनाव को जीतने के लिए पुलवामा हमला कराया था.
बलिया में आयुष यादव नाम के एक युवक की हत्या के बाद माहौल बिगड़ गया है. अब मृतक की बहन ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए चेतावनी दी है कि अगर प्रशासन अपना काम सही से नहीं कर सकती तो मुझे खुद कदम उठाना होगा. पूरे देश में जहां भी हत्यारे दिखेंगे, वहीं मारूंगी.
ददरी मेला पूरी दुनिया में प्रसिद्ध है. कार्तिक पूर्णिमा से शुरू होकर एक महीने तक चलने वाले इस मेले की खासियत तो बहुत है, लेकिन आज हम बात करने वाले हैं स्वाद की. इस मेले की चटहिया जलेबी यानी गुड़ही जलेबी का स्वाद जो एक बार ले ले, वह बार बार खाने की कोशिश करेगा.