युवक पर चढ़ी ऐसी सनक, अपने ही निजी अंग में डाल दी पानी की बोतल
आगरा में एक युवक पर ऐसी सनक चढ़ी कि उसने अपने ही निजी अंग में पानी की बोतल डाल दी जो फंस गई. इससे युवक को असहनीय दर्द होने लगा. आनन फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां 75 मिनट चले ऑपरेशन के बाद बोतल निकाली गई. इस घटना में युवक के मलाशय में गहरे घाव हो गए हैं. डॉक्टरों ने बताया कि युवक 'गुदा कामुकता' नामक मनोविकार से पीड़ित है. उसकी काउंसलिंग की जा रही है.
उत्तर प्रदेश के आगरा में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है. यहां एक युवक पर ऐसी सनक चढ़ी कि उसने अपने ही निजी अंग में पानी की बोतल घुसेड़ ली. यह बोतल अंदर ही फंस गई और युवक को असहनीय दर्द होने लगा. वह भागकर अस्पताल पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने करीब 75 मिनट के ऑपरेशन के बाद बोतल को बाहर निकाला. इस बोतल की वजह से युवक के मलाशय में गहरे घाव हो गए थे, इसलिए डॉक्टरों ने 4 दिन अस्पताल में ही भर्ती रखने के बाद रविवार को उसे छुट्टी दी है.
मामला आगरा में शाहगंज थाना क्षेत्र का है. साकेत कॉलोनी स्थित नवदीप हॉस्पिटल के डॉक्टरों के मुताबिक चार दिन पहले पहले एक युवक दर्द से कराहते हुए आया था. उसकी हालत देखकर डॉक्टर ने एक्सरे कराया. इसमें पता चला कि युवक के मलाशय में एक लीटर पानी की प्लास्टिक बोतल फंसी हुई है. अस्पताल के डॉयरेक्टर एवं वरिष्ठ सर्जन डॉ. सुनील शर्मा के मुताबिक ऐसे में सिग्मोइंडोस्कोपी कराई गई तो पता चला कि मलाशय में गहरे घाव भी हैं, जिसकी वजह से वह शौच भी नहीं कर पा रहा.
इस बीमारी से ग्रसित है युवक
डॉ. सुनील शर्मा के मुताबिक युवक साइको सेक्सुअल डिसऑर्डर एनल इरोटिजम (गुदा कामुकता) नामक बीमारी से ग्रसित है. ऐसे मरीजों को गुदा स्पर्श करने में आनंद की अनुभूति होती है. इसकी वजह से वह अपने निजी अंग में कोई भी चीज डाल लेते हैं. 38 साल के इस युवक ने भी इसी तरीके से आनंद प्राप्त करने की कोशिश की, लेकिन बोतल उसकी गुदा में ही फंस गई. जब दर्द काफी बढ़ गया तो 36 घंटे बाद ऑपरेशन कर गुदा से बोतल को बाहर निकाला गया है. उन्होंने बताया कि इसके लिए करीब 75 मिनट तक ऑपरेशन चला.
शादीशुदा है युवक
डॉक्टरों के मुताबिक पीड़ित युवक शादीशुदा है, बावजूद इसके, वह काफी समय से इसी तरह की हरकते करते आ रहा है. इस बार बोतल उसके मलाशय में फंस जाने की वजह से वह पहली बार मुश्किल में फंस गया था. डॉक्टरों के मुताबिक इस समस्या की वजह से युवक को ना केवल 4 दिनों तक अस्पताल में भर्ती रहना पड़ा है, बल्कि 75 मिनट तक सघन ऑपरेशन से भी गुजरना पड़ा है. उसकी हालत में सुधार के बाद आदत में सुधार के लिए काउंसलिंग कराई जा रही है.
