GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह की बढ़ी मुश्किलें, दिव्यांग सर्टिफिकेट मामले में ‘क्लीन चिट’ नहीं; CMO बोले- जांच जारी है

अयोध्या में GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं. उन्होंने दिव्यांग सर्टिफिकेट विवाद में 'क्लीन चिट' का दावा किया था, जिसे मऊ सीएमओ ने खारिज कर दिया है. प्रशांत कुमार ने सीएम के समर्थन में इस्तीफा दिया था, जिसे अब उन्होंने वापस ले लिया है.

GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह (फाइल फोटो)

अयोध्या में GST के डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह उस समय सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने शंकराचार्य प्रकरण में मुख्यमंत्री योगी के समर्थन में अपना इस्तीफा दिया था. इसके बाद वह फर्जी दिव्यांश सर्टिफिकेट को लेकर घिर गए थे. वहीं, अब प्रशांत कुमार ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है, लेकिन दिव्यांग सर्टिफिकेट विवाद में उनकी मुश्किलें बढ़ती दिख रही हैं.

प्रशांत कुमार मऊ जनपद के सराय लखन सी थाना क्षेत्र के सरवा गांव के रहने वाले हैं. उनके भाई विश्वजीत सिंह ने आरोप लगाया था कि उनकी दिव्यांश सर्टिफिकेट 40% फर्जी बनी और बनाई गई है. इसके बाद प्रशांत कुमार ने अपने बयान में कहा था कि दिव्यांग सर्टिफिकेट में उन्हें क्लीन चिट मिल चुकी है, जिसे मऊ CMO संजय गुप्ता ने सिरे से खारिज कर दिया है.

बार-बार नोटिस के बाद भी जांच के लिए नहीं पहुंचे

मऊ के सीएमओ संजय गुप्ता में प्रशांत कुमार के मामले में कहा कि ऐसा कुछ नहीं है क्लीन चिट नहीं मिला है, जांच के बाद ही सत्यता समाने आए गई. हमारे ऑफिस से प्रमाण पत्र के मामले में पूछा गया था, उसके बारे में मऊ सीएमओ कार्यालय से यह भेजा गया कि जो यह विकलांग सर्टिफिकेट है 2009 में बना हुआ है. इसी ऑफिस के द्वारा बनाया गया था.

उन्होंने कहा कि प्रशांत कुमार को 2021 में दो बार नोटिस जारी किए. उन्हें मेडिकल बोर्ड के सामने प्रस्तुत होने के लिए कहा गया था. लेकिन वह उस समय भी प्रस्तुत नहीं हुए थे. आज कल भी उनको विकलांग सर्टिफिकेट जांच करने के लिए नोटिस जारी किया गया था कि आजमगढ़ मंडल बोर्ड के सामने उपस्थित होने के लिए लेकिन वह उपस्थित नहीं हुए.

इस्तीफा वापस लेने के बाद भाई पर लगाया आरोप

इससे पहले आज ही प्रशांत कुमार सिंह ने अपना इस्तीफा वापस ले लिया. उन्होंने अपने बयान में कहा कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है. उन्होंने कहा, ‘मैंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है. मुझ पर कोई दबाव नहीं है. मैंने बिना किसी दबाव के इस्तीफा वापस लिया. आज मैं अपने ऑफिस में हूं और काम कर रहा हूं.’

इस दौरान उन्होंने अपने भाई विश्वजीत सिंह पर बड़ा आरोप लगाया. प्रशांत कुमार ने कहा कि विश्वजीत सिंह मुख्तार अंसारी के मऊ गैंग का सक्रिय सदस्य है और उसका फाइनेंशियल एडवाइजर भी रहा है. विश्वजीत सिंह के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं. उसके खिलाफ अपने माता-पिता के साथ मारपीट मामले में भी एफआईआर दर्ज है.