अयोध्या: GST कमिश्नर प्रशांत सिंह बुरे फंसे! व्यापारी ने लगाया 8 लाख के ठगी का आरोप

अयोध्या में डिप्टी जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह, जिन्होंने सीएम के समर्थन में इस्तीफा दिया था, अब गंभीर आरोपों से घिर गए हैं. एक व्यापारी ने उन पर अवैध छापेमारी, दो अलग प्रतिष्ठानों का स्टॉक जोड़कर 8 लाख रुपये से अधिक की ठगी और धमकाने का आरोप लगाया है.

जीएसटी डिप्टी कमिश्नर प्रशांत कुमार (फाइल फोटो)

अयोध्या में डिप्टी जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. शहर के एक व्यापारी ने उन पर अवैध छापेमारी और ठगी के गंभीर आरोप लगाए हैं. यही नहीं व्यापारी ने प्रशांत कुमार सिंह पर माफिया मुख्तार अंसारी का नाम पर धमकाने का भी आरोप लगाया है. उनका कहना है कि प्रशांत सिंह ने 8 लाख रुपये का फ्रॉड किया.

अयोध्या के प्रतिष्ठित व्यापारी और राजलक्ष्मी साड़ी सूट के मालिक लक्ष्मण दास मखेजा ने डिप्टी जीएसटी कमिश्नर प्रशांत कुमार सिंह पर गंभीर आरोप लगाए हैं. व्यापारी का कहना है कि 2 अप्रैल को प्रशांत कुमार सिंह उनके प्रतिष्ठान पर सर्च वारंट लेकर पहुंचे थे. लेकिन नियमों की अनदेखी करते हुए दूसरी ब्रांच पर भी छापेमारी कर दी और फ्रॉड किया गया.

माफिया मुख्तार अंसारी के नाम पर धमकाने का आरोप

लक्ष्मण दास मखेजा ने बताया कि डिप्टी जीएसटी कमिश्नर ने नियमों की अनदेखी करते हुए उनकी दूसरी ब्रांच श्री राजलक्ष्मी सूट एंड साड़ी पर भी छापेमारी की, जबकि उस ब्रांच का जीएसटी नंबर और टीन नंबर पूरी तरह अलग है. आरोप है कि दोनों प्रतिष्ठानों के स्टॉक को जोड़कर गलत तरीके से फ्रॉड किया गया, जिससे 8 लाख रुपये का नुकसान हुआ.

व्यापारी ने बताया कि हमारे स्टाफ से आईडी और पासवर्ड पूछे गए. असिस्टेंट कमिश्नर के जरिए हमारे आईटीसी पोर्टल से 8 लाख 33 हजार 100 रुपये काट लिए गए. हम पूरी पारदर्शिता से टैक्स जमा करते हैं, फिर भी हमें परेशान किया गया. साथ ही कहा कि वह व्यापारियों को डराने के लिए मऊ के माफिया मुख्तार अंसारी का नाम तक लेते थे.

ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए

व्यापारी लक्ष्मण दास का कहना है कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की वजह से ईमानदार व्यापारी खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि हम सरकार से मांग करते हैं कि ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी और व्यापारी का शोषण न हो. बता दें कि हाल में प्रशांत सिंह, सीएम के समर्थन में इस्तीफा देकर सुर्खियों में आए थे.

उन्होंने शंकराचार्य विवाद में अपना इस्तीफा सौंपा था, लेकिन बाद में इस्तीफा वापस ले लिया. इसके अलावा, उनके भाई ने उनपर विकलांग सर्टिफिकेट में फर्जीवाड़ा को लेकर भी शिकायत की है, इस मामले में आगे की जांच जारी है.