चढ़ावा चोरी: आरोपी के पेंशन खाते में जमा होने थे 45 हजार, कैसे आए 12.39 लाख? कोर्ट पहुंची पुलिस
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते में बड़ा खुलासा हुआ है. उसे हर महीने 45 हजार रुपये पेंशन मिलती है, लेकिन फरवरी-मार्च में उसके पेंशन खाते में 12.39 लाख रुपये जमा हुए हैं. पुलिस ने इसे संदिग्ध मानते हुए कोर्ट में आपत्ति दर्ज की है और अब इस रकम के स्रोत की जांच कर रही है. अदालत 5 अगस्त को इस पर सुनवाई करेगी.
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में एक आरोपी के बैंक खाते को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है. इस आरोपी के पेंशन खाते में बड़ी रकम की एंट्री देख जांच एजेंसियां अलर्ट हो गई हैं. इस जांच में पता चला है कि आरोपी सुभाष श्रीवास्तव के पेंशन खाते में फरवरी और मार्च के दौरान करीब 12.39 लाख रुपये जमा हुए हैं. जबकि उसे हर महीने महज 45 हजार रुपये की पेंशन आती है.
पुलिस ने इसे संदिग्ध मामला बताते हुए कोर्ट में आपत्ति दाखिल की है. मामले की विवेचना कर रहे अधिकारी ने अदालत में दाखिल अपनी आपत्ति में बताया कि विशेष न्यायाधीश रजत वर्मा ने 27 जुलाई को पारित आदेश में आरोपी के पेंशन खाते से 26 जून के बाद की निकासी पर लगी रोक हटा दी गई थी. हालांकि, जांच अधिकारी ने इस आदेश पर आपत्ति दर्ज कराते हुए खाते में जमा हुई रकम का विस्तृत ब्योरा अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया है.
कहां से आई इतनी बड़ी रकम
पुलिस ने अपनी आपत्ति में बताया है कि आरोपी के पेंशन खाते में 2 फरवरी को 5 लाख रुपये जमा हुए. उसके अगले दिन यानी कि 6 मार्च को फिर 5 लाख रुपये, 8 मार्च को 1 लाख रुपये तथा 24 मार्च को 86,760 रुपये और 1.53 लाख रुपये जमा किए गए. उन्होंने बताया कि इन सभी लेन-देन को जांच के दायरे में रखा गया है. इस धनराशि के स्रोत का भी सत्यापन किया जा रहा है.
चढ़ावा चोरी केस में आरोपी है सुभाष
पुलिस के मुताबिक राम मंदिर में चढ़ावा और जेवरात चोरी केस की जांच चल रही है. इस मामले में सुभाष आरोपी है. ऐसे में उसके पेंशन खाते में अचानक लाखों रुपये जमा होना गंभीर जांच का विषय है. पुलिस ने अदालत से अनुरोध किया है कि खाते के संचालन से संबंधित आदेश पर पुनर्विचार किया जाए. इससे पहले आरोपी सुभाष श्रीवास्तव ने 18 जुलाई को अदालत में अर्जी दाखिल कर अपने पेंशन खाते के संचालन की अनुमति मांगी थी. अब जांच अधिकारी की आपत्ति पर अदालत ने सुनवाई के लिए 5 अगस्त की तारीख तय की है.
