‘नेहरू के चक्कर में…’ राम मंदिर में चढ़ावा चोरी पर ये क्या बोल गए अवध ओझा? वायरल हो गया वीडियो
शिक्षक अवध ओझा का एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें उन्होंने राम मंदिर में हुई कथित चढ़ावा चोरी पर तंज कसा है. वे कहते हैं कि "नेहरू के चक्कर में" यह "कांड" हुआ है, जहां नेहरू का भूत कांग्रेसी नेताओं की आत्माओं के साथ मिलकर संपत्ति उठाने आया. यह बयान राम मंदिर चोरी विवाद को एक नया राजनीतिक मोड़ दे रहा है, जिससे देशभर में चर्चाएं तेज हो गई हैं.
अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर में चढ़ावा चोरी का मामला अभी गर्म है. मामले की एसआईटी की प्रारंभिक रिपोर्ट के आधार पर 8 लोगों पर एफआईआर और गिरफ्तारी भी हो चुकी है. आज दूसरे चरण की जांच भी शुरू हो गई है. इसी बीच विख्यात टीचर अवध ओझा का एक बयान सोशल मीडिया में तेजी से वायरल हो रहा है. इस वीडियो में अवध ओझा कह रहे हैं कि राम मंदिर में कोई चोरी ही नहीं हुई. इसी वीडियो में वह अपनी बात के समर्थन में तर्क भी देते हैं, लेकिन एक नई कहानी बता दे रह हैं.
उन्होंने अपने अपने ऑफिशियल इंस्टाग्राम अकाउंट से शेयर किए गए वीडियो में कैप्शन भी लिखा है कि “राम मंदिर में कोई चोरी हुई ही नहीं.” उन्होंने अपने वीडियो की शुरूआत भी इसी बात से की है. कहा कि “राम मंदिर में कोई चोरी नहीं हुई. दरअसल हुआ ये है कि राम मंदिर में काम कर रहे लोगों के सपने में नेहरू जी आए और कहा कि मेरी और कांग्रेस की अनुमति के बिना मंदिर बनवा दिया. अब वह पुराने कांग्रेसी नेताओं की आत्मा के साथ आएंगे और पूरी संपत्ति उठा ले जाएंगे.”
नेहरू के चक्कर में कांड
अवध ओझा ने यह वीडियो खुद जारी किया है. देखते ही देखते यह वीडियो तेजी से वायरल होने लगा है. इस वीडियो में अवध ओझा यहीं नहीं रूकते. वह तंज भरे लहजे में कहते हैं कि इस सपने को देखकर राम मंदिर के पदाधिकारी डर गए. उन्हें लगा कि कांग्रेसी नेताओं की आत्मा सब कुछ उठा ले जाएगी. ऐसे में अच्छा है कि इस संपत्ति को बचाने के लिए खुद इसे उठाकर किसी सेफ जगह पर रख दो. इस प्रकार नेहरू के चक्कर में ये कांड हो गया.
छोड़ेगा नहीं नेहरू का भूत
अवध ओझा कहते हैं कि नेहरू का भूत इन लोगों को छोड़ेगा थोड़े ना. वह लोगों को सलाह भी दे रहे हैं कि तुम लोग फर्जी में परेशान हो रहे हो. बता दें कि इस मामले को लेकर उत्तर प्रदेश ही नहीं, समूचे देश में जमकर राजनीति हो रही है. एक तरफ पुलिस की जांच, दूसरी ओर SIT की छानबीन और ऊपर से विपक्ष की बयानबाजी से माहौल तेजी से गरमा रहा है. वहीं अब अवध ओझा के इस बयान से मामले में राजनीति का नया एंगल सामने आ गया है. इसकी चर्चाएं भी तेजी से होने लगी हैं.
