जौहर यूनिवर्सिटी: स्टूडेंट्स का ‘सत्याग्रह’, तंजीन बोलीं- बच्चों की पढ़ाई क्यों उजाड़ी जा रही?
रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बीच पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने विश्वविद्यालय में चल रहे छात्र आंदोलन को 'सत्याग्रह' बताते हुए कहा कि छात्र अपनी शिक्षा और सच की लड़ाई लड़ रहे हैं. तंजीन फातिमा ने आरोप लगाया कि विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस कैंप लगाया गया, जिसे हटाने की चेतावनी दी गई है.
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री आजम खान की मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित ध्वस्तीकरण कार्रवाई के बीच उनकी पत्नी और पूर्व सांसद डॉ. तंजीन फातिमा ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे छात्र आंदोलन को ‘सत्याग्रह’ बताते हुए कहा कि यह केवल धरना नहीं, बल्कि शिक्षा और सच की लड़ाई है. तंजीन फातिमा ने कहा कि वह विश्वविद्यालय में छात्रों का हालचाल जानने पहुंची थीं.
गौरतलब है कि जौहर यूनिवर्सिटी की 38 इमारतों को अवैध घोषित होने के बाद स्टूडेंट धरना दे रहे हैं. लगातार बारिश के बावजूद छात्र परिसर में डटे हुए हैं और अपनी शिक्षा बचाने की मांग कर रहे हैं. इस दौरान तंजीन फातिमा ने कहा, मैं बच्चों का हालचाल लेने आई हूं… इतनी भारी बारिश में भी बच्चे यहां बैठे हैं… यह कोई सामान्य धरना नहीं है, बल्कि सत्याग्रह है. बच्चे सच के लिए खड़े हैं… वे पूछ रहे हैं कि उनकी पढ़ाई क्यों बाधित की जा रही है.’
पुलिस कैंप हटाने का दावा
पूर्व सांसद तंजीन फातिमा ने आरोप लगाया कि प्रशासन ने विश्वविद्यालय परिसर के अंदर पुलिस कैंप स्थापित कर दिया था, जबकि वह क्षेत्र विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आता है. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने पुलिस को स्पष्ट कर दिया था कि यदि कैंप नहीं हटाया गया तो अवमानना की कार्रवाई शुरू की जाएगी. उन्होंने कहा, ‘पुलिस ने कॉलेज परिसर के अंदर कैंप लगाया था, जो विश्वविद्यालय के अधिकार क्षेत्र में आता है, कैंप नहीं हटता है तो हम कार्रवाई करेंगे.’
38 भवनों पर ध्वस्तीकरण का आदेश
रामपुर जिला प्रशासन ने हाल ही में मौलाना मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की 40 इमारतों में से 38 को अवैध घोषित करते हुए ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के आदेश दिए हैं. प्रशासन का कहना है कि इन भवनों के नक्शे स्वीकृत नहीं थे. आदेश के अनुसार विश्वविद्यालय प्रबंधन को पहले स्वयं अवैध निर्माण हटाने का समय दिया गया है, जिसके बाद आवश्यक होने पर रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) कार्रवाई करेगा.
आंदोलन तेज होने के संकेत
तंजीन फातिमा के बयान के बाद साफ संकेत हैं कि विश्वविद्यालय प्रबंधन और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे को कानूनी लड़ाई के साथ-साथ जनआंदोलन के रूप में भी आगे बढ़ाने की तैयारी में हैं. दूसरी ओर, जिला प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून और न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है. फिलहाल सभी की नजर इस बात पर है कि निर्धारित अवधि पूरी होने के बाद प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है.
