सावन में वाराणसी कैंट स्टेशन पर सख्ती, नॉनवेज पर रोक; 183 कैमरों से होगी निगरानी

सावन में वाराणसी रेलवे स्टेशन परिसर 30 जुलाई से 28 अगस्त तक 'नॉनवेज मुक्त' रहेगा. स्टेशन पर नॉनवेज बनाने, बेचने और लाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा. सुरक्षा के लिए 183 सीसीटीवी कैमरों वाला 24x7 वॉर रूम स्थापित किया गया है, जो भीड़ प्रबंधन और निगरानी करेगा.

वाराणसी कैंट स्टेशन पर सावन में नॉनवेज बैन

सावन के पवित्र महीने में काशी आने वाले श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने विशेष तैयारियां शुरू कर दी हैं. 30 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त तक चलने वाले श्रावण मास के दौरान कैंट रेलवे स्टेशन परिसर को पूरी तरह ‘नॉनवेज मुक्त’ रखा जाएगा. प्रशासन का अनुमान है कि इस बार सावन में 65 से 70 लाख श्रद्धालु पहुंच सकते हैं.

वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन के स्टेशन डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने बताया कि स्टेशन परिसर के चार फूड पॉइंट और छह फास्ट फूड यूनिट में पहले से ही नॉनवेज बनाने और बेचने पर रोक है. सावन के दौरान बाहर से भी नॉनवेज भोजन लाने की अनुमति नहीं होगी. सभी फूड स्टॉल संचालकों को स्वच्छता और भोजन की गुणवत्ता बनाए रखने के निर्देश जारी किए गए हैं.

सावन में डेढ़ लाख तक पहुंच जाता है फुटफॉल

सावन में संभावित फुट फॉल को देखते हुए यात्री सुविधाओं का विशेष ख़्याल रखने का निर्णय लिया गया है. फायर ब्रिगेड और एम्बुलेंस सेवा 24 x7 उपलब्ध रहेगी. क्लीनिंग टीम को बढ़ाने के साथ-साथ एक्टिव रखा जाएगा. अतिरिक्त सफाईकर्मियों की तैनाती की जाएगी. इसके अलावा, श्रद्धालुओं को फर्स्ट एड और एटीएम की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी.

स्टेशन डायरेक्टर पुनीत गुप्ता ने बताया कि सामान्य दिनों में जहां फुट फॉल 85 से 90 हज़ार रहता है. वहीं सावन में ये फुटफॉल बढ़कर 1.5 लाख (डेढ़ लाख ) तक पहुंच जाता है. इसको देखते हुए यात्रियों के रुकने और रिफ्रेशमेंट के लिए होल्डिंग एरिया भी बनाया जाएगा. और यदि आवश्यकता पड़ी तो अतिरिक्त ट्रेनें चलाने की भी व्यवस्था की जाएगी.

CCTV वॉर रूम से होगी चप्पे चप्पे की मॉनिटरिंग

पुनीत गुप्ता ने बताया कि इस बार सावन की सुरक्षा को लेकर विशेष रूप से सीसीटीवी वॉर रूम बनाया गया है. 183 कैमरे से लैस कैंट स्टेशन परिसर के चप्पे चप्पे की सुरक्षा यहीं से जांची जाएगी. ये वॉर रूम 24×7 अलर्ट मोड पर काम करेगा और स्टेशन के हर हिस्से पर नजर रखेगा. आरपीएफ के दो जवान लगातार यहां से निगरानी करते रहेंगे.

प्लेटफॉर्म, फुटओवर ब्रिज, सर्कुलेटिंग एरिया और स्टेशन के बाहरी हिस्सों तक की सूक्ष्म मॉनिटरिंग इस वॉर रूम से की जाएगी. ये सभी 183 कैमरे 360° तक घूम सकते है और इनकी जूमिंग पॉवर भी बहुत जबरदस्त है. इसके अलावा आरपीएफ, जीआरपी और क्विक रिस्पॉन्स टीम (QRT) को अलर्ट मोड पर रखा जाएगा.

क्यूआरटी टीम प्लेटफॉर्म वाइज़ बनेंगी. भगदड़ रोकने के लिए क्राउड मैनेजमेंट की तैयारी की गई है. भीड़ बढ़ने की स्थिति में वॉर रूम से रियल टाइम मॉनिटरिंग के आधार पर तुरंत कार्रवाई की जाएगी. यदि क्राउड बिल्ड अप होता है तो क्यूआरटी तुरंत इंटरवीन करेगा, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके.

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