अब आजमगढ़ में सड़क पर उतरे Gen-Alpha, टीचर की कमी पर बवाल

फतेहपुर और लखनऊ के बाद अब आजमगढ़ में भी Gen-Alpha यानी स्कूली बच्चों का विरोध प्रदर्शन सामने आया है. अजमतगढ़ के स्मिथ इंटर कॉलेज में छात्र-छात्राओं ने शिक्षकों की कमी और कथित अवैध फीस वसूली के खिलाफ प्रदर्शन किया. विद्यार्थियों का आरोप है कि बोर्ड परीक्षाएं नजदीक हैं, लेकिन रसायन विज्ञान जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. छात्रों ने फीस के नाम पर अतिरिक्त रकम लिए जाने का भी आरोप लगाया.

प्रसिद्ध स्मिथ इंटर कॉलेज के बच्चों ने किया प्रदर्शन Image Credit:

फतेहपुर, लखनऊ के बाद अब आजमगढ़… उत्तर प्रदेश में स्कूलों की बदहाली को लेकर जेन-अल्फा का विरोध प्रदर्शन बढ़ता ही जा रहा है. लखनऊ की सड़कों पर प्रदर्शन के बाद अब जेन-अल्फा ने आजमगढ़ में हंगामा किया. दरअसल, सगड़ी तहसील क्षेत्र के अजमतगढ़ स्थित प्रसिद्ध स्मिथ इंटर कॉलेज में मंगलवार सुबह उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन शुरू कर दिया.

हाथों में पोस्टर और तख्तियां लेकर परिसर में जुटे विद्यार्थियों ने जमकर नारेबाजी की और शिक्षकों की कमी के साथ ही कथित अवैध फीस वसूली के खिलाफ अपनी नाराजगी जाहिर की. छात्रों का कहना है कि बोर्ड परीक्षाएं बेहद नजदीक हैं, लेकिन कई महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. ऐसे में उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ती जा रही है. इससे पहले फतेहपुर और लखनऊ में ऐसा प्रदर्शन हुआ था.

बोर्ड परीक्षा से पहले शिक्षकों की कमी से परेशान छात्र

प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं का सबसे बड़ा आरोप कॉलेज में शिक्षकों की कमी को लेकर है. विद्यार्थियों के मुताबिक, आगामी बोर्ड परीक्षाओं के लिए अब महज कुछ महीने का समय बचा है. इसके बावजूद कक्षा में नियमित पढ़ाई के लिए रसायन विज्ञान और भौतिकी जैसे महत्वपूर्ण विषयों के शिक्षक उपलब्ध नहीं हैं. छात्रों का कहना है कि अगर विषय विशेषज्ञ शिक्षक ही नहीं होंगे तो पाठ्यक्रम पूरा करना और परीक्षा की तैयारी करना मुश्किल हो जाएगा.

विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि कई बार शिक्षकों और कॉलेज प्रशासन के सामने इस समस्या को रखा गया, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया. प्रदर्शन के दौरान छात्राओं ने अनोखे अंदाज में भी अपना विरोध दर्ज कराया. उनके हाथों में ऐसे पोस्टर दिखाई दिए, जिन पर लिखा था- ‘बिना केमिस्ट्री टीचर के हमारा भविष्य एसिड की तरह जल रहा है.’ पोस्टर के जरिए छात्राओं ने यह बताने की कोशिश की कि रसायन विज्ञान के टीचर नहीं हैं.

शिकायत करने पर डांटने का आरोप

छात्र-छात्राओं ने कॉलेज प्रशासन पर उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेने का भी आरोप लगाया. विद्यार्थियों का कहना है कि जब वे पढ़ाई से जुड़ी परेशानियों को लेकर अध्यापकों अथवा जिम्मेदार अधिकारियों से बात करने की कोशिश करते हैं तो कई बार उन्हें डांट-डपटकर शांत करा दिया जाता है. छात्रों के मुताबिक, वे किसी विवाद के लिए नहीं, बल्कि बेहतर शिक्षा और बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए पर्याप्त शिक्षकों की मांग कर रहे हैं.

फीस वसूली को लेकर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर फीस के नाम पर कथित अनियमित वसूली के आरोप भी लगाए. विद्यार्थियों का दावा है कि उन्हें फीस की जो रसीद दी जाती है, उसमें 500 से 650 रुपये तक की राशि दर्ज होती है, जबकि इसके अलावा अलग-अलग मदों में अतिरिक्त रकम मांगी जाती है. छात्रों ने आरोप लगाया कि पुस्तकालय और विद्यालय की मरम्मत सहित अलग-अलग कारण बताकर उनसे अतिरिक्त पैसे लिए जा रहे हैं.

प्रदर्शनकारी छात्र-छात्राओं ने मांग की कि कॉलेज में ली जा रही फीस और अन्य शुल्कों की पूरी जांच हो तथा यदि किसी तरह की अनियमितता सामने आती है तो जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की जाए. छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय प्रतिनिधि संतोष कुमार राय भी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों के आंदोलन का समर्थन किया. उन्होंने मीडिया से बातचीत के दौरान कॉलेज प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए.

संतोष कुमार राय ने आरोप लगाया कि यह एक सरकारी मान्यता प्राप्त संस्था है, लेकिन यहां एक कथित निजी कमेटी बनाकर संसाधनों के दुरुपयोग की शिकायतें सामने आ रही हैं. उन्होंने दावा किया कि जिला विद्यालय निरीक्षक यानी DIOS की ओर से बच्चों से ली गई कथित अवैध फीस वापस करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन इसके बावजूद रकम विद्यार्थियों के खातों में वापस नहीं की गई.

48 घंटे में केमिस्ट्री शिक्षक की व्यवस्था का आश्वासन

छात्रों के हंगामे की सूचना मिलने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों और कॉलेज के प्रतिनिधियों ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभालने की कोशिश की. काफी देर तक चली बातचीत के बाद प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों को आश्वासन दिया गया कि रसायन विज्ञान के शिक्षक की व्यवस्था 48 घंटे के भीतर कर दी जाएगी. इस आश्वासन के बाद तत्काल स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास किया गया. हालांकि, छात्र-छात्राओं का कहना है कि वे केवल आश्वासन से संतुष्ट नहीं हैं.

दो दिन का अल्टीमेटम, चक्का जाम की चेतावनी

प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों ने कॉलेज प्रशासन को 48 घंटे का समय दिया है. छात्रों ने चेतावनी दी कि यदि इस अवधि में स्थायी रूप से शिक्षक की व्यवस्था नहीं की गई और फीस वसूली से जुड़ी शिकायतों का समाधान नहीं हुआ तो वे दोबारा आंदोलन शुरू करेंगे. विद्यार्थियों ने चेतावनी दी है कि जरूरत पड़ने पर वे सगड़ी मुख्य मार्ग पर उतरकर चक्का जाम करेंगे. छात्रों का कहना है कि इसके बाद आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा और इसकी जिम्मेदारी कॉलेज प्रबंधन की होगी.

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