‘पापा माफ कर देना… मैं पढ़ना चाहती थी’, परिवार ने रोकी पढ़ाई तो 8वीं की छात्रा ने दे दी जान
बागपत में 8वीं की छात्रा ने जहर खाकर अपनी जान दे दी. उसकी जेब से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है.,उसमें लिखा था कि “मैंने गलती की थी, मुझे अपनी गलती का पछतावा था. मैंने माफी मांगी, पर किसी ने मेरी नहीं सुनी. मुझे पढ़ाई करनी थी, पर सबने मना कर दिया. इसलिए मैं जीना नहीं चाहती. पापा मुझे माफ कर देना.”
बागपत में 8वीं कक्षा की 15 वर्षीय छात्रा ने जहर खाकर जान दे दी है. परिजनों के मुताबिक बुधवार यानी 25 फरवरी को दोपहर दो बजे तक वह सामान्य थी. घर के सभी सदस्यों को चाय बनाकर भी पिलाई. फिर नींद आने की बात कह कमरे में चली गई थी.
परिजनों के मुताबिक काफी देर तक जब वह कमरे से बाहर नहीं निकली तो वे उसे जगाने पहुंचे. उन्होंने छात्रा को कमरे में अचेत अवस्था में पाया. परिजन तुरंत उसे जिला अस्पताल लेकर पहुंचे. यहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया. इसके बाद जिला अस्पताल के इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉक्टर विजय प्रकाश ने पुलिस को इस मामले सूचना दी.मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू की और परिजनों से पूछताछ की.
छात्रा की जेब से मिला सुसाइड नोट
छात्रा की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है. उसमें लिखा था कि “मैंने गलती की थी, मुझे अपनी गलती का पछतावा था. मैंने माफी मांगी, पर किसी ने मेरी नहीं सुनी. मुझे पढ़ाई करनी थी, पर सबने मना कर दिया. इसलिए मैं जीना नहीं चाहती. पापा मुझे माफ कर देना.”
परिजनों ने बुखार से दम तोड़ने की कही थी बात
परिजनों ने शुरुआत में छात्रा की मौत बुखार से होनी की कही. लेकिन प्रारंभिक जांच में जहरीला पदार्थ निगलने की आशंका जताई गई है. जांच अधिकारी ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी. सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है और विभिन्न पहलुओं पर पड़ताल जारी है.
पढ़ाई में अच्छी थी छात्रा
छात्रा की मौत से उसके गांव में मातम पसरा हुआ है. ग्रामीणों का कहना है कि छात्रा पढ़ाई में रुचि रखती थी. पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है. पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ऐसी क्या वजह है छात्रा की पढ़ाई रोकी गई और उसने इसके लिए अपनी जान दे दी.
