गाजियाबाद वालों के लिए खुशखबरी, अब नहीं लगाना पड़ेगा 14 KM का लंबा चक्कर
मधुबन-बापूधाम अंडरपास का तकरीबन 85 फीसदी कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. इस अंडरपास के पूरा होने से गाजियाबाद के गोविंदपुरम और स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम और शास्त्रीनगर, डासना, मसूरी और सदरपुर गांव, बालाजी एन्क्लेव और आसपास की पॉश कॉलोनियां के लोगों को मेरठ-दिल्ली रोड पर आने के लिए 14 किलोमीटर का लंबा चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा.
मेरठ से दिल्ली जाने वाले लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है. इस रूट पर भीषण जाम से लोगों को अब छुटकारा मिल सकता है. दरअसल, मधुबन-बापूधाम अंडरपास का निर्माण अब अंतिम स्टेज पर है. गाजियाबाद विकास प्राधिकरण (GDA) प्रयासों से बन रहे इस अंडरपास के मदद से अब गाजियाबाद से विभिन्न इलाकों से दिल्ली जाने वालों की समय की बचत होगी, वह वक्त रहते अपने मंजिल तक पहुंच सकेंगे.
मधुबन-बापूधाम अंडरपास तकरीबन 90 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा है. जीडीए के मुख्य इंजीनियर आलोक रंजन के अनुसार उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम ने इस अंडरपास का 85 फीसदी कार्य सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है. अब सिर्फ इलाके से लगने वाले रेलवे ट्रैक नीचे तकनीकी काम और अंडरपास का हिस्सा पूरा ररना है. इसके बाद सेतु निगम अंतिम फिनिशिंग का काम शुरू कर देगा.
मधुबन-बापूधाम योजना के अंतर्गत बन रहा ये अंडरपास
मधुबन-बापूधाम योजना लगभग 1,234 एकड़ में फैली हुई. 6 अलग-अलग पॉकेट में विकसित की जा रही इस योजना के तहत आवासीय और व्यावसायिक दोनों प्रकार की योजनाएं पाइपलाइन में है. ऐसे में इस पाइपलाइन को दिल्ली-मेरठ रोड से जोड़ने लोगों के बेहद फायदा होगा. साथ ही इन इलाकों में रियल एस्टेट में भी विकास की संभावनाएं बढ़ेंगी.
गाजियाबाद के इन इलाकों के लोगों को होगा फायदा
गाजियाबाद के गोविंदपुरम और स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम और शास्त्रीनगर, डासना, मसूरी और सदरपुर गांव, बालाजी एन्क्लेव और आसपास की पॉश कॉलोनियां के लोगों को अब तक दिल्ली-मेरठ हाईवे पर जाने के लिए हापुड़ चुंगी तक 14 किलोमीट का का लंबा चक्कर काटना पड़ेगा. लेकिन मधुबन-बापूधाम अंडरपास के पूरा होने पर लोगों इतना लंबा रास्ता तय नहीं करना पड़ेगा.
एक आंकड़े के मुताबिक गाजियाबाद के गोविंदपुरम और स्वर्णजयंतीपुरम, कर्पूरीपुरम और शास्त्रीनगर, डासना, मसूरी और सदरपुर गांव, बालाजी एन्क्लेव और आसपास की पॉश कॉलोनियां से तकरीबन 5 लाख लोग रोजाना दिल्ली के लिए यात्रा करते हैं. इस बीच उन्हें भारी जाम का सामना करना पड़ता है. साथ ही हापुड़ चुंगी तक 14 किलोमीट का का लंबा चक्कर काटना पड़ेगा. ऐसे में इस अंडरपास के निर्माण से प्रतिदिन लगने वाले जाम से छुटकारा मिलेगा, जिससे समय और ईंधन की बचत होगी.
