हथियार रखो, फायरिंग का अभ्यास करो और तैयार हो जाओ… बागपत हत्याकांड पर वैश्य समाज की हुंकार
बागपत में व्यापारी पिता-पुत्र हत्याकांड के बाद सर्वसमाज ने गुंडागर्दी के खिलाफ हुंकार भरी. श्रद्धांजलि सभा शक्ति प्रदर्शन में बदल गई, जहां अपराधियों को चुनौती दी गई. आत्मरक्षा के लिए शस्त्र लाइसेंस लेने, हथियारों का अभ्यास करने और एकजुट रहने का आह्वान किया गया.
बागपत में टैंट व्यापारी पिता-पुत्र हत्याकांड के बाद सोमवार को बड़ौत के ऋषभदेव सभागार में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. लेकिन यह शोक सभा शक्ति प्रदर्शन में बदल गई. जहां अपराधियों न केवल चुनौती दी गई, बल्कि वैश्य समाज को आत्मरक्षा के लिए हथियार रखने, फायरिंग का अभ्यास करने और पूरी तरह से तैयार रहने का आह्वान किया गया.
जैन कॉन्फ्रेंस के राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. अमित राय जैन ने कहा कि बड़ौत के व्यापारियों का इतिहास बदमाशों के सामने झुकने का नहीं, बल्कि उनका सिर कुचलने का रहा है. सोशल मीडिया पर लगातार आपत्तिजनक टिप्पणियां की जा रही हैं. ऐसे लोगों को खुली चेतावनी है कि यदि उनमें हिम्मत है तो दिन, समय और स्थान तय कर बड़ौत में प्रवेश करके दिखाएं.
‘अपने हथियारों को घरों में बंद रखकर न भूलें’
डॉ. अमित राय जैन ने यह भी कहा कि ऐसे लोगों यहां से सकुशल लौटना आसान नहीं होगा, वो लोग यहां से फिर जिंदा बचकर जाकर दिखाए . उन्होंने कहा कि बड़ौत का समाज किसी से कमजोर नहीं है. सर्वसमाज एकजुट होकर जवाब देना जानता है. सभा में सबसे अधिक चर्चा उस बयान की रही जिसमें व्यापारियों से आत्मरक्षा के लिए तैयार रहने का आह्वान किया.
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन ने बड़ी संख्या में शस्त्र लाइसेंस जारी किए हैं और आज बड़ौत नगर में लगभग एक हजार लाइसेंसी हथियार मौजूद हैं. अपने हथियारों को घरों में बंद रखकर न भूलें. सिर्फ चुनाव के समय थानों में जमा न करे, बल्कि समय-समय पर उनकी सफाई करें और वैधानिक नियमों के तहत फायरिंग का अभ्यास भी करें.
मुख्यमंत्री से होगी मुलाकात, रखी जाएंगी कई मांगें
अमित राय जैन ने युवाओं को भी लाइसेंस लेने के लिए प्रेरित करने की बात कही और कहा कि प्रत्येक जिम्मेदार नागरिक को आत्मरक्षा के लिए तैयार रहना चाहिए. इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पारंपरिक सुरक्षा साधन यानी अपने देशी हथियार जैसे लाठी, डंडे, बल्लम और अन्य वैध उपकरण को भी घरों और प्रतिष्ठानों पर उपलब्ध रहने चाहिए.
वहीं, सभा में निर्णय लिया गया कि एक प्रतिनिधिमंडल जल्द मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से लखनऊ जाकर मुलाकात करेगा. इस दौरान ज्ञापन के माध्यम से मृतक सोहनलाल अग्रवाल और विकास अग्रवाल के परिवार को 50-50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, म्रतक विकास की पत्नी नेहा को सरकारी नौकरी, पूरे परिवार को आजीवन सुरक्षा की मांग रखी जाएगी.
व्यापारियों पर दर्ज मुकदमें समाप्त करने की मांग
इसके अलावा शस्त्र लाइसेंस बनाने और व्यापारियों पर दर्ज मुकदमों की समीक्षा कर उन्हें समाप्त करने की मांग भी उठाई गई. बता दें कि जुलाई 2015 में बड़ौत में 9 जून को पिता-पुत्र पर हिस्ट्रीशीटर वरुण लुहारी ने दुकान में घुसकर अंधाधुंध फायरिंग की. इसमें दोनो की मौत हो गई. वहीं, वरुण लुहारी को भी पब्लिक ने घेरकर मौके पर ही मौत के घाट उतार दिया.
