नेपालगंज रोड से वाराणसी तक आज से दौड़ेगी स्पेशल ट्रेन; बहराइच समेत इन जिलों को फायदा
बहराइच को बड़ी रेल सौगात मिली है. नेपालगंज रोड से वाराणसी सिटी के बीच विशेष ट्रेन सेवा आज से शुरू हो रही है. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इसे हरी झंडी दिखाएंगे. यह ट्रेन खासकर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए वाराणसी तक पहुंच आसान करेगा.
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े लोगों के लिए सोमवार का दिन बड़ी सौगात लेकर आया है. नेपालगंज रोड रेलवे स्टेशन से वाराणसी सिटी तक विशेष ट्रेन सेवा आज से शुरू हो रही है. मुख्यमंत्री योगी नेपालगंज-रुपईडीहा स्टेशन से विशेष ट्रेन संख्या 05064 को हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे. वहीं, कार्यक्रम में केंद्रीय रेल मंत्री वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे.
कार्यक्रम में बहराइच के सांसद डॉ. आनंद कुमार गोंड भी मौजूद रहेंगे. ट्रेन दोपहर करीब 2:45 बजे यात्रियों को लेकर वाराणसी के लिए रवाना होगी. इस रेल सेवा के शुरू होने से बहराइच समेत कई जिलों के यात्रियों को सीधा फायदा मिलेगा. खासकर भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र के लोगों के लिए वाराणसी तक सीधी पहुंच आसान हो जाएगा.
वाराणसी तक इन स्टेशनों पर ठहरेगी ट्रेन
कार्यक्रम के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को करीब दो बजे नेपालगंज पहुंचेंगे. जहां पहले से मौजूद बहराइच सांसद डॉ. आनंद गोंड उनका स्वागत करेंगे. वहीं, सीएम योगी के झंडी दिखाए जाने के बाद ट्रेन 2:45 बजे नेपालगंज-रुपईडीहा स्टेशन से यात्रियों को लेकर रवाना होगी.
यह ट्रेन नेपालगंज रोड से रवाना होकर नानपारा, रिसिया, बहराइच, पयागपुर, गोंडा, बलरामपुर, बढ़नी, सिद्धार्थनगर, आनंदनगर और गोरखपुर होते हुए वाराणसी सिटी पहुंचेगी. इससे सीमावर्ती क्षेत्र के लोगों को धार्मिक, व्यापारिक और अन्य जरूरी यात्राओं के लिए बेहतर रेल कनेक्टिविटी मिल सकेगी.
57 किलोमीटर रेलखंड का काम पूरा
बहराइच के डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा से लगे नेपालगंज रोड (रुपईडीहा)-बहराइच तक अमान परिवर्तन का कार्य पूरा हो चुका है. कार्यदाई संस्थाओं ने इसे रेलवे को सौंप भी दिया है. उन्होंने बताया कि बीते रविवार को रेलवे की विभिन्न वर्गों की तकनीकी टीमों ने कार्यों की गुणवत्ता की जांच भी की थी.
इस 57 किलोमीटर लंबे रेलखंड को करीब 342 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया गया है. इससे ट्रैक, पुल, रेलवे स्टेशन और अन्य जरूरी काम कराए गए हैं. डीएम अक्षय त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना का निर्माण कार्य 10 दिसंबर 2024 को शुरू हुआ था. काम को तेजी से पूरा करने के लिए दो शिफ्टों में निर्माण कराया गया.
