किल्लत या कालाबाजारी! एंबुलेंस को भी नहीं मिला पेट्रोल, अस्पताल पहुंचने में देरी से मरीज की मौत; एक्शन में DM

उत्तर प्रदेश के बलिया में एंबुलेंस को पेट्रोल न मिलने से एक मरीज की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो गई. पेट्रोल पंप ने स्टॉक होने के बावजूद तेल देने से मना कर दिया था. इस दुखद घटना के बाद जिलाधिकारी ने जांच के आदेश दिए हैं, जिसमें पंप मालिक की लापरवाही सामने आई है. अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

बलिया में पेट्रोल की किल्लत Image Credit:

उत्तर प्रदेश के बलिया में एंबुलेंस को भी पेट्रोल नहीं मिल पा रहा. बलिया के बैरिया में एक एंबुलेंस में पेट्रोल खत्म होने की वजह से मरीज को समय रहते अस्पताल नहीं पहुंचाया जा सका. इसकी वजह से एंबुलेंस में ही मरीज की मौत हो गई. यह खबर सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद डीएम ने जांच के आदेश दिए हैं. घटना बैरिया थाना क्षेत्र के पांडेपुर जगदेवा गांव में बुधवार रात की है.

जानकारी के मुताबिक इस गांव में रहने वाले 50 वर्षीय छठठू शर्मा के सीने में दर्द हुआ. उस समय रात के करीब साढ़े नौ बज चुके थे. गांव के प्रधान सत्येंद्र यादव उन्हें अस्पताल पहुंचाने के लिए एंबुलेंस बुलाई और लेकर चले ही थे कि एंबुलेंस चालक ने पेट्रोल खत्म होने की बात कह दी. इसके बाद वह मरीज को एंबुलेंस में लेकर टेंगरही के पास स्थित पंप पर पहुंचे. लेकिन पंप वालों ने पेट्रोल पंप खत्म होने की बात कहते हुए उन्हें तेल देने से मना कर दिया.

अस्पताल पहुंचने में देरी से हुई मौत

हालात को देखते हुए ग्राम प्रधान ने तत्काल एसडीएम बैरिया से बात की. उन्होंने आश्वासन भी दिया, लेकिन इसके बाद भी उनके एंबुलेंस के लिए तेल नहीं मिला. मजबूरी में प्रधान सत्येंद्र यादव ने गांव में मौजूद दर्जन भर बाइक की टंकी में मौजूद पेट्रोल निकालकर एंबुलेंस में डाला और जैसे तैसे मरीज को अस्पताल पहुंचाया. लेकिन इस कवायद में काफी देर हो गई थी. ऐसे में अस्पताल में डाक्टरों ने छठठू शर्मा को प्राथमिक जांच के बाद मृत घोषित कर दिया.

सामने आई पंप मालिक की बदमाशी

मामले की जानकारी होने पर जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने जांच के आदेश दिए हैं. उन्होंने बताया कि घटना 22 तारीख कि रात में रात 9:21 बजे का है. सीसीटीवी फुटेज में साफ हो गया है कि एंबुलेंस पेट्रोल पंप पर गई थी, लेकिन उसे तेल नहीं दिया गया. इस संबंध में पेट्रोल पंप वालों से पूछताछ की गई तो उन लोगों ने स्टॉक खत्म होने की बात की. ऐसे में स्टॉक की जांच कराई गई. इसमें पता चला कि उनके पास साढ़े आठ हजार लीटर पेट्रोल और साढ़े चार हजार लीटर डीजल उपलब्ध था. डीएम के मुताबिक ये पंप मालिक की गलती है, उन्हें तेल देना चाहिए था. मामले की जांच और आवश्यक कार्रवाई के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया गया है.

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