काटना पड़ा 5 साल की बच्ची का पैर, बांदा में डॉक्टर पर लगा गलत इलाज करने का आरोप
बांदा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर विनीत सिंह पर एक बच्ची का गलत इलाज करने का आरोप लगा है. इसके चलते बच्ची का एक पैर काटना पड़ा. बच्ची अब जिंदगी भर के लिए अपाहिज हो गई है. फिलहाल, यह मामला जिलाधिकारी कार्यालय के संज्ञान में आ चुका है.
यूपी के बांदा में 5 साल की मासूम बच्ची 23 जनवरी को छत से नीचे गिर गई थी. इससे उसकी जांघ की हड्डी टूट गई थी. ऐसे में उसे इलाज के लिए रानी दुर्गावती मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया. यहां डॉक्टर विनीत ने 30 जनवरी की तारीख दी. लेकिन उससे पहले 23 जनवरी को ही बच्ची के जांघ पर पट्टी बांध कर घर भेज दिया.
बच्ची की मां ने डॉक्टर पर लगाए गंभीर आरोप
अब बच्ची की मां ने आरोप लगाया कि डाक्टर ने बेटी की गलत तरीके से टाइट पट्टी बांध दिया. इससे पांव की नसों में ब्लाकिंग हो गई. पैर काला पड़ गया और सड़न पैदा हो गई. लेकिन इस दौरान डाक्टर और उसके वार्ड बॉय ने बच्ची को एक भी बार चेक नहीं किया. ऑपरेशन से पहले ही 15 हजार रुपये भी जमा करा लिए. लेकिन जब आपरेशन की नियत तारीख आई तो डॉक्टर ने पट्टी खोलकर देखा की मानवी का पैर काला पड़ गया था और सडन पैदा हो गई थी. आनन फानन में मानवी को लखनऊ मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर कर दिया.
बच्ची के पैर को काटना पड़ा
गरीब माता किसी तरह बेटी को लेकर लखनऊ पहुंचे. केजीएमयू में भर्ती कराया. यहां डाक्टर्स की टीम ने बताया कि पैर को गलत तरीके से बांधने और समय से इलाज न करने से पैर की नसें ब्लाक हो गई हैं. इन नसों ने काम करना बंद कर दिया है. इससे पैर में सड़न भी शुरू हो गई है. अगर बच्ची की जिंदगी बचानी है तो पैर काटना पड़ेगा.
जिलाधिकारी के पास पहुंचे बच्ची के माता-पिता
लाचार मां-बाप ने किसी तरह से दिल पर पत्थर रखते हुए बच्ची के पैर काटने की मंजूरी दे दी. लेकिन एक लापरवाह डॉक्टर की करतूत से बच्ची जिंदगी भर के लिए दिव्यांग हो गई. अब बच्ची के माता-पिता इसकी शिकायत लेकर जिलाधिकारी के पास पहुंचे है. डीएम ने बच्ची के मां-बाप को उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है.
