बाराबंकी में गैस सिलेंडर के लिए भिड़ गए दो पक्ष, खूब चले लात-घूंसे, एक-दूसरे को जमकर पीटा

बाराबंकी में गैस सिलेंडर लेने के लिए एक एजेंसी के बाहर दो पक्षों में कहासुनी हो गई.देखते ही देखते यह गाली-गलौज और लात-घूंसों में बदल गई. इस झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह घटना जिले में गैस सिलेंडर के लिए व्याप्त उस पैनिक और तनाव का सबूत है.

बाराबंकी में गैस सिलिंडर को लेकर बवाल

देशभर से एलपीजी की किल्लत की खबरें आ रही हैं. सरकार की तरफ से इसके कॉमर्शियल वितरण पर भी रोक लगा दी गई है. यूपी में भी एलपीजी गैस की कमी की खबरें छन-छन कर बाहर आ रही हैं. यहां के बाराबंकी में सिलेंडर गैस लेने की होड़ में दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई.

गैस सिलेंडर के लिए भिड़ गए दो पक्ष

सिलेंडर लेने पहुंचे अब्दुल और मनीष कुमार के बीच कतार में आगे-पीछे होने को लेकर कहासुनी शुरू हुई. देखते ही देखते यह गाली-गलौज और लात-घूंसों में बदल गई. इस झड़प का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. यह घटना जिले में व्याप्त उस पैनिक और तनाव का सबूत है जहां एक सिलेंडर के लिए आम आदमी अपनों से ही भिड़ने को तैयार है.

प्रतिदिन 17 हजार से ज्यादा सिलेंडर बांटने का दावा

जिले में घरेलू गैस सिलेंडर के उपभोक्ताओं की संख्या करीब 6.75 लाख है. इनकी आपूर्ति के लिए 235 एजेंसियां संचालित हैं. दावा है कि प्रतिदिन 17 हजार से ज्यादा सिलेंडर बांटे जा रहे हैं लेकिन धरातल पर ये आंकड़े नाकाफी साबित हो रहे हैं. आलम यह है कि जिन उपभोक्ताओं ने हफ्तों पहले बुकिंग कराई थी उनके घरों तक भी सप्लाई नहीं पहुंच पा रही है. इस संकट की आंच अब व्यवसाय पर भी पड़ने लगी है.

छोटे होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर

एलपीजी की किल्लत के चलते जिले के कई छोटे होटल और रेस्टोरेंट बंद होने की कगार पर पहुंच गए हैं. जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) डॉक्टर राकेश कुमार तिवारी का कहना है कि जिले में गैस की कोई कमी नहीं है. यह केवल अफवाहों के कारण उत्पन्न हुई घबराहट है. उन्होंने एजेंसी संचालकों को प्राथमिकता पर सिलेंडर बांटने के निर्देश तो जारी किए हैं, लेकिन यह नहीं बताया कि जब पर्याप्त गैस उपलब्ध है तो 17 हजार की दैनिक आपूर्ति के बाद भी लोग सड़कों पर क्यों हैं.

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