जमीन मिली, 44 करोड़ का मुआवजा भी बंटा… फिर क्यों अटका बरेली एयरपोर्ट का विस्तार?
बरेली एयरपोर्ट का विस्तार कार्य शासन स्तर पर फाइल अटकने के कारण रुक गया है. जबकि जमीन अधिग्रहण और 44 करोड़ रुपये से अधिक का मुआवजा बंट चुका है. बढ़ती यात्री संख्या और नई उड़ानों की आवश्यकता के बावजूद, लीज प्रक्रिया की मंजूरी में देरी से एयरपोर्ट के विकास में अड़चन आ रही है.
बरेली एयरपोर्ट के विस्तार का इंतजार कर रहे लोगों को अभी और इंतजार करना पड़ सकता है. एयरपोर्ट के विस्तार के लिए जरूरी निजी जमीन का अधिग्रहण करीब एक साल पहले ही पूरा कर लिया गया था. प्रभावित किसानों और जमीन मालिकों को करीब 44.26 करोड़ रुपये का मुआवजा भी दिया जा चुका है. इसके बावजूद विस्तार का काम शुरू नहीं हो पाया है.
वजह यह है कि अधिग्रहीत जमीन की लीज से जुड़ी फाइल शासन स्तर पर लंबित है और अभी तक वहां से कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश नहीं मिले हैं. प्रशासन की ओर से पूरी प्रक्रिया पूरी करके फाइल शासन को भेजी जा चुकी है. जब तक शासन से मंजूरी नहीं मिलती, तब तक जमीन एयरपोर्ट अथॉरिटी को लीज पर नहीं सौंपी जा सकेगी और विस्तार कार्य शुरू नहीं होगा.
यात्रियों की बढ़ती संख्या के बीच विस्तार जरूरी
बरेली एयरपोर्ट से इस समय बंगलूरू, मुंबई, दिल्ली और जेवर के लिए नियमित उड़ानें संचालित हो रही हैं. हर महीने यात्रियों की संख्या बढ़ रही है. वर्तमान में औसतन करीब 410 यात्री रोजाना हवाई यात्रा कर रहे हैं. ऐसे में मौजूदा सुविधाएं भविष्य की जरूरतों के हिसाब से छोटी पड़ने लगी हैं. इसीलिए बरेली एयरपोर्ट के विस्तार की यह योजना बनाई गई थी.
मौजूदा टर्मिनल भवन मार्च 2021 में शुरू हुआ था, जिसका क्षेत्रफल करीब 3,000 वर्गमीटर है और इसमें एक समय में लगभग 300 यात्रियों के ठहरने की व्यवस्था है. विस्तार योजना के तहत इस क्षमता को बढ़ाकर 700 यात्रियों तक करने की तैयारी है. साथ ही विमानों की पार्किंग के लिए एप्रन का विस्तार भी होना है, ताकि एक साथ अधिक विमान खड़े किए जा सकें.
कुल 23.55 एकड़ भूमि पर होगा एयरपोर्ट विस्तार
एयरपोर्ट विस्तार के लिए कुल 23.55 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया गया है. इसमें करीब 16.97 एकड़ निजी भूमि शामिल है, जबकि बाकी जमीन ग्राम सभा, राज्य सरकार और रक्षा संपदा विभाग की है. निजी भूमि का अधिग्रहण और मुआवजे का भुगतान पहले ही पूरा किया जा चुका है, लेकिन लीज प्रक्रिया पूरी न होने से पूरा प्रोजेक्ट आगे नहीं बढ़ पा रहा है.
एयरपोर्ट प्रशासन की भविष्य में गोवा, जयपुर, कुशीनगर समेत कई अन्य शहरों के लिए नई उड़ानें शुरू करने की योजना है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा ढांचे के साथ नई उड़ानों का संचालन चुनौतीपूर्ण होगा. ऐसे में एयरपोर्ट का विस्तार बेहद जरूरी है. अब शासन से मंजूरी और लीज की प्रक्रिया पूरी होने के बाद एयरपोर्ट विस्तार कार्य शुरू हो सकेगा.
