5-5 लाख में दो बच्चे बेचे, तीसरे में पुलिस ने पकड़ा; अब आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट और बुलडोजर एक्शन की तैयारी
बरेली में बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है.सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है.गैंगस्टर कार्रवाई के बाद संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.प्रशासन की मदद से अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की योजना है.
बरेली के आंवला तहसील स्थित मनौना धाम से बच्चा चोरी कांड में रोजाना नए-नए खुलासे हो रहे हैं. 24 मई को श्याम मंदिर में काम करने वाले दंपति के 2 साल के बेटे ऋषभ की किडनैपिंग की गई थी. पुलिस ने 48 घंटे के अंदर बच्चे की सकुशल बरामदगी कर दो आरोपियों को हिरासत में लिया था. इस मामले में अब तक 6 आरोपी जेल भेजे जा चुके हैं.
आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि बच्चा चोरी का नेटवर्क है बेहद बड़ा. मास्टरमाइंड नर्स सीता और उसके साथियों पर शिकंजा लगातार कसता जा रहा है.सभी आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट लगाने की तैयारी शुरू कर दी गई है.गैंगस्टर कार्रवाई के बाद संपत्ति जब्त करने की प्रक्रिया अपनाई जाएगी.प्रशासन की मदद से अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर चलाने की योजना है. इस मामले में अधिकारियों ने पुलिस को मजबूत चार्जशीट दाखिल करने का निर्देश दिया है.
कई निजी अस्पताल और IVF सेंटर जांच की रडार पर
बरेली पुलिस अब सीतापुर और लखीमपुर खीरी में भी इस मामले की जांच करेगी. गिरोह के तार कई निजी अस्पतालों और IVF सेंटरों से जुड़े होने की आशंका है.जांच के दायरे में आए कई चर्चित सेंटर और अल्ट्रासाउंड केंद्र हैं. नर्स सीता, उत्तम वाजपेयी, केशवराम उर्फ मंजेश समेत कई आरोपी जेल में हैं.विशाखा अस्पताल के संचालक डॉक्टर संजय कुमार विश्वास का नाम भी जांच में शामिल है.मेडिकल कॉलेज कर्मी योगेश कन्नौजिया और पवन सिंह चंदेल पहले ही गिरफ्तार किए जा चुके हैं.
60 हजार में हो चुका था बच्चे का सौदा
पुलिस को शक है कि यह रैकेट संगठित अपराध की तरह चल रहा था.बिन ब्याही मां, गरीब परिवारों और जरूरतमंद महिलाओं के जरिए नेटवर्क सक्रिय था.पुलिस ने इस मामले में 200 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगाले. आरोपी बच्चे को बेचने दिल्ली जा रहे थे. बच्चे का सौदा 60 हजार रुपये में हो गया था. लेकिन उससे पहले बरेली पुलिस ने आरोपियों का हॉफ एनकाउंटर करते हुए बच्चे की सकुशल बरामदगी कर ली थी.
दो बच्चों को 5-5 लाख में बेच चुके थे आरोपी
पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया है कि उन्होंने अब तक दो बच्चों को पांच-पांच लाख रुपये में बेचा है. जबकि तीसरे बच्चे का अपहरण करते समय पुलिस ने गिरोह को पकड़ लिया. तीन दिन पहले दो आरोपियों को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया था और बच्चा भी बरामद किया गया था. पुलिस यह भी पता लगा रही है कि इस गिरोह का संपर्क किन अन्य जिलों और अस्पतालों से जुड़ा हुआ है. आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं.
