शिव मंदिर से हटाई मूर्तियां, घरों के बाहर फेंक दी हड्डी; सावन के चौथे सोमवार को दंगा भड़काने की साजिश!

उत्तर प्रदेश के बरेली में सावन के चौथे सोमवार को दंगा भड़काने की बड़ी साजिश का खुलासा हुआ है. बीथम नौगवां गांव के 57 साल पुराने शिव मंदिर से किसी मूर्तियां उखाड़कर फेंक दी. यही नहीं, श्मशान से अस्थियां उठाकर कई घरों के बाहर फेंक दी. सुबह होने पर लोगों को इसकी जानकारी हुई तो इसे सनातनियों की भावनाओं से खिलवाड़ और गंभीर साजिश बताते हुए खूब हंगामा हुआ. लोगों ने इस मामले में पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग की है.

मौके पर पहुंची बरेली पुलिस

उत्तर प्रदेश के बरेली में एक बार फिर दंगा भड़काने की साजिश का खुलासा हुआ है. सावन के चौथे और आखिरी सोमवार को एक शिव मंदिर से मूर्तियां हटा दी गईं. यही नहीं, श्मशान से अस्थियां बटोरकर कई घरों के बाहर फेंक दी गईं. मामला बरेली में शाही थाना क्षेत्र के बीथम नौगवां गांव का है. सूचना मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया. देखते ही देखते खबर जिला मुख्यालय तक पहुंच गई. आनन फानन में पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है.

उधर, लोग लाखों-करोड़ों सनातनियों की भावनाओं से खिलवाड़ का आरोप लगाते हुए आरोपियों के खिलाफ कठोर से कठोर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं. जानकारी के मुताबिक बीथम नौगवां गांव में 57 साल पुराने शिव मंदिर से शिव परिवार की तीन मूर्तियां रविवार-सोमवार की रात किसी ने उखाड़कर मंदिर परिसर में ही फेंक दी थी. सोमवार सुबह मंदिर की सफाई करने पहुंचे पुजारी ने मूर्तियों को जमीन पर पड़े देखा तो ग्रामीणों को बताया. इसके बाद मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने नाराजगी जताते हुए खूब हंगामा किया.

घरों के बाहर मिली अस्थियां

गांव वालों ने बताया कि तीन दिन पहले एक महिला शांति देवी की सड़क दुर्घटना में मौत हुई थी. गांव के श्मशान स्थल पर उनका अंतिम संस्कार किया गया था. सोमवार को परिवार के लोग अस्थियां लेने श्मशान पहुंचे, लेकिन वहां अस्थियां नहीं मिलीं. थोड़ी देर बाद पता चला कि ये अस्थियां नत्थू लाल और टेकचंद के घर के सामने बिखरी पड़ी हैं. इसके अलावा डोरीलाल के घर के बाहर खड़े ई-रिक्शा में भी अस्थियां मिलने की बात सामने आई है. यह खबर फैलते ही मामला और भी गंभीर हो गया.

ग्रामीणों ने लगाए गंभीर आरोप

ग्रामीणों ने इस दोनों घटनाओं को एक साथ जोड़कर पुलिस में शिकायत दी है. आरोप लगाया कि यह कोई सामान्य घटना नहीं, बल्कि यहां दंगा कराने के लिए एक सोची समझी साजिश है. ग्रामीणों ने अपनी शिकायत देकर पुलिस से मामले की जांच कराने और दोषियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने की मांग की है. पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है. मीरगंज के सीओ अजय कुमार ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है. घटना में जो भी लोग शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी.

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