भोजन की लाइन में खड़े थे टीचर्स, SDM बोले- भूखे-नंगे कुत्ते… बरेली में मचा बवाल
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक एसडीएम ने जनगणना प्रशिक्षण के दौरान भोजन की कतार में खड़े शिक्षकों को 'भूखे-नंगे कुत्ते' कहकर अपमानित किया. इस अमर्यादित बयान के बाद शिक्षकों ने प्रशिक्षण रोक दिया और भारी विरोध प्रदर्शन किया. वे एसडीएम के निलंबन की मांग कर रहे हैं.
उत्तर प्रदेश के बरेली में एक एसडीएम का बयान सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है. अपने बयान में एसडीएम भोजन की लाइन में खड़े टीचर्स को भूखे-नंगे और कुत्ते कहकर संबोधित कर रहे हैं. यह बयान आंवला तहसील में आयोजित राष्ट्रीय जनगणना के प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान का है. एक प्रशासनिक अधिकारी द्वारा शिक्षकों के के प्रति दिए गए इस अमर्यादित बयान को लेकर बरेली में बड़ा बवाल मच गया है.
आंवला के एसडीएम (SDM) सुशील मिश्रा के इस बयान के विरोध में सैकड़ों टीचर्स ने जनगणना की ट्रेनिंग रोक दी और मौके पर जमकर हंगामा किया. देर रात सभी टीचर्स शहर के दामोदर स्वरूप पार्क में एकत्र हुए और अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया. टीचर्स ने जिलेभर में जनगणना कार्य का बहिष्कार करते हुए एसडीएम के सस्पेंशन की मांग की. हालांकि अभी तक जिला प्रशासन या शासन स्तर से कोई बयान सामने नहीं आया है.
शुक्रवार दोपहर की है घटना
जानकारी के मुताबिक आंवला तहसील क्षेत्र के टीचर्स की जनगणना कार्य के लिए सरस्वती शिशु मंदिर में ट्रेनिंग चल रही थी. लंच टाइम होने पर सभी टीचर्स आकर खाने का पैकेट लेने के लिए भोजन की लाइन में खड़े हो गए. इतने में एसडीएम वहां पहुंचे और टीचर्स को खाने की लाइन में देखकर उनके लिए अमर्यादित टिप्पणी की. अधिकारी की इस भाषा से वहां मौजूद टीचर्स भड़क गए और जनगणना की ट्रेनिंग तत्काल रोकते हुए दामोदर स्वरुप पार्क में धरना शुरू कर दिया.
एसडीएम के खिलाफ की नारेबाजी
एसडीएम की टिप्पणी पर भड़के शिक्षकों ने कहा कि वे कोई मुफ्त का नहीं खा रहे, बल्कि अपना राष्ट्रीय कर्तव्य (जनगणना) निभाने यहां पहुंचे हैं. शिक्षकों ने एसडीएम के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करते हुए कहा कि एसडीएम जैसी जिम्मेदार कुर्सी पर बैठे व्यक्ति की यह टिप्पणी किसी हाल में बर्दाश्त के काबिल नहीं है. प्राथमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष नरेश गंगवार के मुताबिक शिक्षक समाज का मार्गदर्शन करते हैं. किसी जिम्मेदार प्रशासनिक पद पर बैठे अधिकारी द्वारा शिक्षकों को कुत्ता और भूखा-नंगा कहना पूरे शिक्षक समुदाय का घोर अपमान है.