30 साल के लिए निजी एजेंसियों को सौंपा जाएगा बरेली का स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कन्वेंशन सेंटर, जानें BDA ने क्यों लिया ऐसा फैसला
बरेली विकास प्राधिकरण रामगंगा नगर सेक्टर-8 में बने मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कल्याण सिंह कन्वेंशन सेंटर को अगले 30 साल तक निजी एजेंसियों को देने जा रहा है. बीडीए का मानना है कि इस व्यवस्था से दोनों परियोजनाओं का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा. लंबे समय तक उनकी गुणवत्ता भी बनी रहेगी.
बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने शहर की दो अहम परियोजनाओं को नए तरीके से आगे बढ़ाने का फैसला लिया है. रामगंगा नगर सेक्टर-8 में बने मेजर ध्यानचंद स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और कल्याण सिंह कन्वेंशन सेंटर का संचालन और रखरखाव अब निजी एजेंसियों के जरिए कराया जाएगा. इसके लिए बीडीए ने टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी है. चयनित एजेंसी को अगले 30 वर्षों तक इन दोनों परिसरों की जिम्मेदारी दी जाएगी.
बीडीए का मानना है कि इस व्यवस्था से दोनों परियोजनाओं का बेहतर इस्तेमाल हो सकेगा. लंबे समय तक उनकी गुणवत्ता भी बनी रहेगी. अभी तक इन परिसरों को पूरी क्षमता से उपयोग में लाने की चुनौती बनी हुई थी, जिसे देखते हुए यह फैसला लिया गया है.
बेहतर सुविधाओं और बड़े आयोजनों पर रहेगा फोकस
प्राधिकरण की योजना है कि निजी एजेंसी सिर्फ देखरेख तक सीमित न रहे, बल्कि दोनों परिसरों को आधुनिक सुविधाओं से भी जोड़ें. स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और खेल से जुड़ी सुविधाएं मिल सकें, इसके लिए नई व्यवस्थाएं तैयार की जाएंगी. वहीं कन्वेंशन सेंटर को बड़े कार्यक्रमों, सामाजिक आयोजनों और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए अधिक उपयोगी बनाया जाएगा.
बीडीए उपाध्यक्ष का कहना है कि निजी भागीदारी से संचालन व्यवस्था अधिक व्यवस्थित होने की उम्मीद है. इससे समय पर रखरखाव, बेहतर प्रबंधन और सुविधाओं के विस्तार का रास्ता खुलेगा. आने वाले समय में यहां राज्य और क्षेत्र स्तर के आयोजन कराने की संभावनाएं भी मजबूत होंगी.
इस बार का टेंडर प्रक्रिया पहले से अलग
इस बार टेंडर प्रक्रिया को पहले की तुलना में अलग तरीके से तैयार किया गया है. बीडीए ने सीधे शर्तें तय करने के बजाय पहले विभिन्न एजेंसियों और बाजार से जुड़े विशेषज्ञों से सुझाव मांगे. सुझाव मिलने के बाद टेंडर दस्तावेजों की समीक्षा की गई और कई शर्तों में बदलाव किए गए ताकि प्रक्रिया अधिक व्यावहारिक बन सके.
बाजार के सुझावों के आधार पर बदली गईं शर्तें
बीडीए उपाध्यक्ष सौम्या पांडेय ने बताया कि इन परियोजनाओं को शहर के लोगों के लिए ज्यादा उपयोगी और आकर्षक बनाने का लक्ष्य रखा गया है. उनका कहना है कि निजी एजेंसियों के जुड़ने से संचालन में पेशेवर व्यवस्था आएगी और सुविधाओं का स्तर भी बेहतर होगा.संशोधित टेंडर दस्तावेज अब ई-टेंडर पोर्टल पर उपलब्ध करा दिए गए हैं. बीडीए को उम्मीद है कि बदली हुई शर्तों और लचीले रुख के कारण अनुभवी और भरोसेमंद एजेंसियां आगे आएंगी.
रामगंगा नगर की ये दोनों परियोजनाएं लंबे समय से शहर की बड़ी योजनाओं में शामिल रही हैं. अब निजी भागीदारी के जरिए इन्हें सक्रिय और उपयोगी बनाने की कोशिश शुरू हो गई है. यदि योजना सफल रही तो आने वाले वर्षों में ये दोनों परिसर बरेली ही नहीं, पूरे क्षेत्र के लिए आकर्षण का बड़ा केंद्र बन सकते हैं.
