रोडवेज बस चालक की मौत पर बवाल; कर्मचारियों ने किया चक्का जाम, बोले- 48-48 घंटे काम कराया जाता है

शाहजहांपुर में बरेली रोडवेज के चालक की एक हादसे में मौत हो गई. अब इस मामले में कर्मचारियों ने सीनियर अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए चक्का जाम कर दिया है. कर्मचारियों का कहना है हादसे के बाद अधिकारियों को कई बार फोन किया गया, लेकिन लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की. ऐसे में एबुलेंस नहीं मिलने से बस चालक प्रमोद की मौत हो गई. कर्मचारियों ने यह भी कहा उनसे लगातार 48 घंटे की ड्यूटी भी कराई जाती है.

बरेली में रोडवेज कर्मचारियों का चक्का जाम

शाहजहांपुर के तिलहर में रोडवेज बस और ट्रक की टक्कर में चालक प्रमोद की मौत के बाद बरेली रोडवेज के चालक पर चालकों का गुस्सा फूट पड़ा. गुरुवार सुबह यानी 11 जून को चालक और परिचालकों ने बरेली के सैटेलाइट बस अड्डे पर बसों का चक्का जाम कर दिया. इसके चलते सैकड़ों बसें बस अड्डे पर खड़ी हो गईं और यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.

कर्मचारियों का आरोप है कि हादसे के बाद अधिकारियों को कई बार फोन किए गए, लेकिन किसी ने कॉल रिसीव नहीं की. उनका कहना है कि घायल चालक प्रमोद को समय पर एंबुलेंस भी नहीं मिल सकी. कर्मचारियों के मुताबिक अस्पताल ले जाते समय प्रमोद की मौत हो गई, जिसके बाद पूरे रोडवेज विभाग में नाराजगी फैल गई.

सैटलाइट बस अड्डे पर धरना, अधिकारियों के खिलाफ नारेबाजी

सुबह तड़के से रोहिलखंड डिपो और बरेली डिपो की बसों का संचालन प्रभावित रहा. सैटलाइट बस अड्डे पर बड़ी संख्या में चालक और परिचालक एकत्र हो गए और धरना शुरू कर दिया. प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने अधिकारियों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. रोडवेज अधिकारियों ने कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन अपनी मांगों पर अड़े रहे.

कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि उनसे लगातार 48-48 घंटे तक ड्यूटी कराई जाती है. ड्यूटी से मना करने पर धमकी दी जाती है और वेतन कटौती की जाती है. कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से उनकी समस्याओं को नजरअंदाज किया जा रहा है.

छह माह के बेटे के सिर से उठा पिता का साया

मृतक चालक प्रमोद बरेली के हाफिजगंज थाना क्षेत्र के बीसी रामपुरा गांव के रहने वाले थे. वह चार भाइयों में तीसरे नंबर पर थे. उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और छह माह का एक बेटा हैं. प्रमोद की असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है.

मृतक परिवार को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग

धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मृतक चालक के परिवार को उचित मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है. कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा. फिलहाल सैटलाइट बस अड्डे पर प्रदर्शन और नारेबाजी का दौर जारी है, जबकि अधिकारी स्थिति को सामान्य बनाने के प्रयास में जुटे हुए हैं.

ARM बोले-चालकों को समझाने की कोशिश कर रहे हैं

वहीं पूरे मामले में रोहिलखंड डिपो के ARM अरुण बाजपेई ने बताया कि रोहिलखंड डिपो की बस कल देर रात लखनऊ से बरेली आ रही थी और शाहजहांपुर के तिलहर में एक ट्रक से टकरा गई जहां चालक प्रमोद की मौत हो गई है. चालकों को समझने की कोशिश कर रहे हैं. नियमअनुसार जो मुआवजा होगा मुआवजा दिया जाएगा.

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