स्मार्ट क्लासरूम, AI लैब और रोबोटिक्स… योगी सरकार सरकारी स्कूलों को ऐसे दे रही कॉन्वेंट लुक

अब उत्तर प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में भी कॉन्वेंट स्कूलों जैसी शिक्षा प्रदान की जाएगी. इसके लिए प्रदेश के सभी जिले में सीएम कंपोजिट स्कूल खोले जा रहे हैं, जहां प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई कराई जाएगी. इन स्कूलों में कक्षाओं को स्मार्ट क्लासरूम में कन्वर्ट किया जाएगा. यहां छात्रों को एआई और रोबोटिक्स की भी शिक्षा दी जाएगी.

सीएम कंपोजिट विद्यालय ( प्रतीकात्मक तस्वीर)

हर कोई चाहता है कि उसके बच्चे अच्छे कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ें. लगातार बढ़ रही फीस के चलते उन्हें अपने कदम पीछे खींचने पड़ते हैं. लेकिन अब योगी सरकार उन अभिभावकों के सपने सच करने जा रही है जो मोटी फीस के चलते अपने बच्चों को कॉन्वेंट जैसी वर्ल्ड क्लास एजुकेशन दिलाने में सक्षम नहीं हो पाते हैं. इसके लिए सरकार की तरफ से ‘CM कंपोजिट स्कूल’ खोले जा रहे हैं.

हाईटेक स्मार्ट क्लासेस औरसाइंस, रोबोटिक्स लैब की भी सुविधा

इन स्कूलों में हाईटेक स्मार्ट क्लासेस चलेंगी. साथ ही साइंस, रोबोटिक्स लैब, डिजिटल लाइब्रेरी की भी सुविधा भी मिलेगी. प्राइवेट स्कूलों को टक्कर देने के लिए प्रोफेशनल टीचर्स की नियुक्ति मिलेगी. माहौल एक कान्वेंट स्कूलों जैसा होगा. कहा जा जा रहा है कि सीएम कंपोजिट स्कूलों के जरिए सरकारी स्कूलों की छवि बदल जाएगी.

एक ही कैंपस में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12 तक की पढ़ाई

अब तक प्रदेश में प्राइमरी, अपर प्राइमरी, सेकेंडरी लेवल पर अलग-अलग स्कूल होते हैं. प्राइमरी स्कूलों में कक्षा 5 तक की पढ़ाई होती है. अपर प्राइमरी स्कूलों में कक्षा 6 से 10 तक की पढ़ाई कराई जाती गै. वहीं, 11 और 12वीं के लिए सेकंडरी स्कूलों में दाखिला लेना होता है. लेकिन अब कंपोजिट स्कूल के माध्यम से प्री-प्राइमरी यानी नर्सरी से लेकर 12वीं तक की पढ़ाई एक ही जगह कराई जा सकेगी.

सीएम कंपोजिट स्कूल के लिए 4500 करोड़ का बजट आवंटित

सरकार अभी प्रदेश के सभी जिलों में 2 सीएम कंपोजिट स्कूल खोलने की प्लानिंग पर काम कर रही है. ऐसा होने के बाद ब्लॉक और न्याय पंचायत स्तर पर भी इसी तरह के स्कूल खोले जाने की योजना है. सरकार की तरफ से इसके लिए 4500 करोड़ रुपए का बजट भी आवंटित किया गया है.

पहले चरण में 39 जिलों में बन रहे स्कूल

पहले चरण में 39 जिलों में एक-एक स्कूल बनाने का काम शुरू भी कर दिया गया है. सरकार की तरफ से इन स्कूलों में मार्च 2027 से एडमिशन शुरू करने का भी टार्गेट रखा गया है. इन स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP), 2020 के तहत इंग्लिश मीडियम में पढ़ाई होगी. लेकिन ये स्कूल सीबीएसई की जगह यूपी बोर्ड से ही संचालित होंगे.

रट्टामार पढ़ाई की जगह प्रैक्टिकल नॉलेज पर जोर

सरकार चाहती है कि इन स्कूलों में रट्‌टामार पढ़ाई ना हो. इसकी जगह व्यवहारिक ज्ञान पर जोर दिया जाए. इन स्कूलों में स्मार्ट क्लास, डिजिटल लाइब्रेरी तो होगा ही. साथ ही छात्रों के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और रोबोटिक्स की भी शिक्षा दी जाएगी. इसके लिए अलग-अलग कक्षा के छात्रों के लिए अलग-अलग लेवल के लैब्स भी बनाए जा रहे हैं.

क्षेत्रीय भाषाएं भी सिखाई जाएंगी

जानकारी के मुताबिक कि प्राइमरी कक्षाओं के छात्रों के लिए मॉड्यूलर मैथ और साइंस लैब विकसित किया जा रहा है. वहीं, कक्षा 9 से 12 के लिए फिजिक्स, केमिस्ट्री और बायोलॉजी की अलग-अलग मार्डन लैब बनाया जा रहा है. इन स्कूलों में लैंग्वेज सेंटर भी बनाया जा रहा है. यहां छात्रों को अंग्रेजी, हिंदी, संस्कृत की भाषाणों की पढ़ाई तो कराई ही जाएगी. साथ ही स्थानीय भाषाओं जैसे अवधी, ब्रज, बुंदेलखंडी और भोजपुरी के भाषाओं को भी सिखाया जाएगा.

छात्रों के स्किल डेवलपमेंट पर होगा जोर

ऑडियो-विजुअल तकनीक के जरिए छात्राओं के उच्चारण, शब्दावली और कम्यूनिकेश स्किल को भी बेहतर करने की कोशिश की जाएगी. साथ ही छात्रों को कोडिंग की भी ट्रेनिंग दी जाएगी. इसके अलावा उनके स्किल डेवलपमेंट पर भी ध्यान दिया जाएगा.

सीएम कंपोजिट स्कूल में भी मिड-डे मिल योजना जारी रहेगी

सीएम कंपोजिट स्कूल में भी मिड-डे मिल योजना जारी रहेगी. स्कूल में प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा- 8 तक के करीब 1300 बच्चों के लिए मॉड्यूलर किचन की व्यवस्था रहेगी. बच्चों को भोजन करने के लिए किचन से जुड़ा एक डाइनिंग हॉल भी बनाया जाएगा. बच्चों पर निगरानी के कैंपस में CCTV कंट्रोल सेंटर स्थापित होगा.

छात्रों के लिए होगा मेडिकल रूम

स्कूल में एक मेडिकल रूम भी बनाया जाएगा. इसमें 2 बेड, ऑक्सीजन सिलेंडर, स्ट्रेचर और प्राथमिक उपचार की व्यवस्था की जाएगी. किसी भी तरीके की अपरिहार्य स्थिति से निपटने के लिए बच्चों को इसकी ट्रेनिंग भी दी जाएगी. इस स्कूल में टीचर्स को डिजिटल टूल्स और स्मार्ट क्लास ऑपरेट करने का प्रैक्टिकल नॉलेज होना जरूरी है.

हर साल मार्च में होगा एडमिशन और अप्रैल से क्लासेस शुरू

सीएम कंपोजिट स्कूल का शैक्षणिक सत्र हर साल अप्रैल से शुरू होगा. एडमिशन प्रॉसेस मार्च से शुरू कर दिया जाएगा. स्कूलों में छात्रों का एडमिशन मेरिट और लॉटरी के आधार पर होगा. ग्रामीण और आर्थिक तौर पर कमजोर परिवारों के बच्चों को एडमिशन में प्राथमिकता दी जाएगी.

नाम मात्र होगी फीस

सबसे खास बात ये है कि इन स्कूलों की फीस केंद्रीय विद्यालयों की तरह नाम मात्र की होगी. यूनिफॉर्म, बैग, जूते खरीदने के लिए छात्रों के खाते में डीबीटी के जरिए पैसे भेजे जाएंगे. फिलहाल, इन स्कूलों में पढ़ाने के लिए शिक्षा विभाग ने पहले से पढ़ा रहे शिक्षकों की स्क्रीनिंग शुरू करने वाली है. इसके अलावा यूपी शिक्षा सेवा चयन आयोग को इसके लिए नई नियुक्तियों की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है.

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