खुजली होने पर पहुंची थी अस्पताल… डॉक्टर ने लगाए 3 इंजेक्शन, हुई मौत तो परिजनों ने काटा बवाल
बस्ती के अमृत हॉस्पिटल में खुजली का इलाज कराने आई महिला रोशनी की इंजेक्शन लगने के बाद मौत हो गई. परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाया है. पुलिस ने अस्पताल संचालक व दो डॉक्टरों समेत छह पर गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर 12 कमरे सील किए हैं. घटना के बाद ग्रामीणों का हंगामा और पुलिस की कार्रवाई जारी है.
उत्तर प्रदेश के बस्ती स्थित एक निजी अस्पताल में घोर लापरवाही का मामला सामने आया है. यहां मुंडेरवा नगर पंचायत में सुभाष चंद्र बोस नगर के अमृत हॉस्पिटल में खुजली की शिकायत लेकर आई महिला का डॉक्टरों ने ऐसा इलाज किया कि थोड़ी ही देर में उसकी मौत हो गई. इस घटना के बाद एक्शन में आई पुलिस ने अस्पताल के संचालक मनीष कुमार श्रीवास्तव, दो डॉक्टरों और तीन अज्ञात कर्मचारियों के खिलाफ गैर-इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज किया है. वहीं 12 से अधिक कमरों को सील कर दिया है.
पुलिस के मुताबिक मुंडेरवा नगर पंचायत के वार्ड नंबर चार शास्त्री नगर निवासी अनिल कुमार चौधरी की 28 वर्षीय पत्नी रोशनी को अचानक शरीर में तेज खुजलाहट की शिकायत हुई. अनिल तत्काल अपनी पत्नी को इलाज के लिए पास के अमृत हॉस्पिटल ले गए. अनिल कुमार का आरोप है कि अस्पताल में मौजूद स्टाफ ने बिना किसी सीनियर डॉक्टर की उचित देखरेख के रोशनी को एक के बाद एक तीन इंजेक्शन लगा दिए. पहले दो इंजेक्शन तक तो स्थिति सामान्य थी, लेकिन जैसे ही तीसरा इंजेक्शन दिया गया, रोशनी की हालत बिगड़ने लगी और उसके मुंह से झाग आने लगा और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई.

नहीं बुलाया एंबुलेंस
पीड़ित पति का आरोप है कि रोशनी की गंभीर स्थिति देखकर अस्पताल के कर्मचारी एंबुलेंस बुलाने के बजाय घबरा गए. उन्होंने जिम्मेदारी से पल्ला झाड़ते हुए आनन-फानन में रोशनी को अनिल की बाइक पर ही लाद दिया और जिला अस्पताल ले जाने को कह दिया. अनिल अपनी तड़पती पत्नी को बाइक पर लेकर जिला अस्पताल के लिए भागा, लेकिन ओड़वारा बाजार तक पहुंचने से पहले ही रोशनी ने दम तोड़ दिया. जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंचकर हंगामा करने लगे.
फरार हो गया स्टॉफ
लोगों का आक्रोश देखते हुए अस्पताल का पूरा स्टाफ ताला बंद कर फरार हो गया. इतने में ग्रामीणों ने पोस्टमार्टम के लिए जा रहे शव वाहन को रास्ता रोक लिया. इससे करीब तीन घंटे तक सड़क पर यातायात बाधित रहा. इसके बाद भारी पुलिस बल के साथ सीएमओ डॉ. राजीव निगम, डिप्टी सीएमओ डॉ. एके चौधरी, डॉ. एसबी सिंह, एमओआईसी डॉ. राजेश कुमार, डॉ. शमीम और नायब तहसीलदार वीर बहादुर सिंह पहुंचे. अधिकारियों ने निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देकर जाम खुलवाया.
आधा अस्पताल सील
मामले की जांच करते हुए सीएमओ ने अमृत हॉस्पिटल के 12 कमरों को पूरी तरह सील करा दिया. वहीं फोरेंसिक विभाग और पुलिस की टीम ने मौके से दवाओं के सैंपल और अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे का डीबीआर अपने कब्जे में ले लिया है. उधर, पोस्टमार्टम के बाद भी परिजनों का गुस्सा शांत नहीं हुआ. लोग शव लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंच गए और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की. इसके बाद पुलिस ने 24 घंटे के अंदर कार्रवाई का भरोसा दिया और लोगों को शांत कराया.
