‘मैं शराबी के पल्ले नहीं बधूंगी’…नशे में धुत होकर डांस कर रहा था दूल्हा, दुल्हन ने तोड़ दिया रिश्ता
बिजनौर में अपनी ही शादी में एक दूल्हा नशे में धूत होकर डांस करने लगा. इसके बाद उजूल-फिजूल हरकतें भी करने लगा. ऐसे में दुल्हन का सब्र जवाब दे गया. उसने जयमाला उतार फेंकी और शराबी दूल्हे के साथ विदा हो कर जाने को मना कर दिया. दुल्हन का गुस्सा देख कर शादी में सन्नाटा पसर गया.
उत्तराखंड के लक्सर से गुरूवार बिजनौर के हल्दौर में एक बारात आई थी. लड़की के घर वालों ने बारात में आए सभी मेहमानों की जमकर खातिरदारी की. इस दौरान चढ़त के वक्त दूल्हे ने भी बारातियों के साथ शराब का सेवन कर लिया. बस फिर क्या था दूल्हे राजा नशे में टुन्न हो गए. घोडा बग्घी से उतर बारातियों के साथ जमकर डांस करने लगे.
किसी तरह गिरते पड़ते चढ़त दुल्हन के घर पहुंची तो दुल्हे ने उठा ले जाऊंगा तेरी डोली में. देखती रह जायेगी सखियां तुम्हारी. फिर मार दिया जाए या छोड़ दिया जाए. बोल तेरे साथ क्या सलूक किया जाए गानों पर डांस शुरू कर दिया. जयमाला की रस्म के बाद फेरों के लिये जब दुल्हा-दुल्हन पूजा में बैठे तो वहां भी दूल्हे रितुराज ने उजूल-फिजूल हरकते जारी रखी. जैसे तैसे विवाह की रस्म पूरी हुई.
आखिरकार दुल्हन का सब्र दे गया जवाब
असहज बैठी दुल्हन सलोनी जो काफी देर से सब कुछ बर्दाश्त कर रही थी. लेकिन रितुराज जो शराब के नशे में टल्ली था, अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा था. इसे देख कर सलोनी का सब्र जबाव दे गया. उसने वहां मौजूद दूल्हे के दोस्तों और रिश्तेदारों पर शराब पी कर हंगामा करने का आरोप लगाते हुए जयमाला उतार फेंकी और शराबी दूल्हे के साथ विदा हो कर जाने को मना कर दिया. दुल्हन का गुस्सा देख कर शादी में सन्नाटा पसर गया.
3 से 4 घंटे दुल्हन को मनाने की हुई कोशिश
दुल्हन के ऐसा करने पर दोनों पक्ष के लोग आमने-सामने लड़ने-भिड़ने को आमादा हो गए. कुछ लोगो ने दोनों पक्षों से शांति से बैठ कर बात कर समस्या का हल निकालने की राय दी. तीन से चार घंटे दुल्हन को मनाने की कोशिश की गयी लेकिन दुल्हन ने शादी मानने से साफ मना करते हुए शराबी दूल्हे के साथ जाने से साफ मना कर दिया.
दुल्हन ने कहा-वह शराबी के पल्ले नहीं बंधना चाहती
सलोनी का कहना था कि जो शख्स अपनी शादी में ही नशे में झूम रहा है तो वो बाद में किस तरह उसे रखेगा, इसलिए उसे अपने भविष्य की चिंता है. लिहाजा वह शराबी के पल्ले नहीं बंधना चाहती है. अपना जीवन सबकुछ जानते हुए नहीं बर्बाद करना चाहती है. ऐसे में बारात बिना दुल्हन के बैरंग वापस लौट गई.