‘अभी तलवार उठाई नहीं है…’ ये क्या बोल रहे BJP विधायक ब्रजभूषण राजपूत, किसे दे रहे संदेश?
महोबा के बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत अपने मुखर बयानों से फिर सुर्खियों में हैं. उन्होंने इटावा में आयोजित एक कार्यक्रम में कहा कि वे लोकतांत्रिक तरीके से गरीबों और किसानों के हक़ के लिए संघर्ष कर रहे हैं, भले ही इससे कुछ लोगों को 'पेट में दर्द' हो. राजपूत ने अपने 'तलवार उठाने' के इतिहास का जिक्र करते हुए लोधी समाज को एकजुट होने का आह्वान किया. इससे यूपी की राजनीति गरमा गई है.
उत्तर प्रदेश में महोबा से बीजेपी विधायक ब्रजभूषण राजपूत लगातार सुर्खियों में हैं. इस समय उनका इटावा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान दिया गया बयान चर्चा में है. इसमें वह किसी का नाम तो नहीं ले रहे, लेकिन साफ इशारा करते हुए कह रहे हैं कि अभी हमने तलवार उठाई नहीं है. अभी वह लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करने की कोशिश कर रहे है. उन्होंने कहा कि गरीबों और किसानों के हक की आवाज उठाने पर इनके ‘पेट में दर्द’ होने लग रहा है.
ब्रजभूषण राजपूत यहां ‘मिशन अवंती: वीरांगना अवंती बाई लोधी प्रतिभा सम्मान समारोह’ में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने पहुंचे थे. उन्होंने कार्यक्रम में लोधी राजपूत समाज को संबोधित करते हुए कई ऐसी बातें कहीं, जिनसे राजनीतिक सरगर्मी बढ़ गई है. कहा कि उनके पास गरीब और किसान अपनी समस्याएं लेकर आते हैं. वह अधिकारियों से बातकर इन समस्याओं का हर संभव समाधान भी कराते हैं.
मंत्री से टकराए तो भी हुआ दर्द
उन्होंने एक पिछली घटना का जिक्र करते हुए कहा कि इसी तरह के मामले में अपनी ही पार्टी के एक मंत्री से भी उन्हें टकराना पड़ा था. यह बात कई लोगों को पसंद नहीं आई और उनके पेट में दर्द होने लगा था. कुछ लोग तो उनका राजनीतिक करियर तक खत्म करने की साजिश में जुट गए. उन्होंने बिना नाम लिए कहा कि “अरे नादानों, नदी के किनारे बैठकर समुद्र को नापना छोड़ दो. अभी तो हम अपनी मर्यादाओं में रहकर जनता, किसानों और नौजवानों को न्याय दिलाने की बात कर रहे हैं.”
बताया अपना इतिहास
ब्रजभूषण राजपूत यहीं नहीं रूके, उन्होंने कहा कि अभी तो हमने अपनी तलवार उठाई नहीं है और तलवार उठाने का हमारा पुराना इतिहास है. इसलिए पहले हमारा इतिहास जान लो. उन्होंने कहा कि देश में अब लोकतांत्रिक व्यवस्था है और हम लोकतांत्रिक तरीके से लड़ने के लिए तैयार हैं. इस कार्यक्रम में उन्होंने समाज के युवाओं को एकजुट होने की अपील की. कहा कि लोधी समाज के युवा कंधे से कंधा मिलाकर साथ खड़े होंगे तो उत्तर प्रदेश में समाज को नई पहचान मिलेगी.
