प्रयागराज में 83 बीघा सरकारी जमीन पर फर्जीवाड़ा, 19 लोगों पर FIR; एक निजी कंपनी भी घेरे में
प्रयागराज में करोड़ों की सरकारी जमीन पर बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है. गोल्हैया गांव में 83 बीघा सार्वजनिक भूमि को निजी नामों पर दर्ज कराकर अवैध खरीद-फरोख्त की गई. जांच के बाद यह जमीन सरकार के खाते में वापस दर्ज हुई है. वहीं. इस मामले में कुल 19 लोगों पर एफआईआर दर्ज की गई है.
प्रयागराज में करोड़ों रुपये की सरकारी जमीन पर फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है. यमुनानगर जोन के लालापुर थाना क्षेत्र स्थित गोल्हैया गांव में पहाड़ की सार्वजनिक भूमि को कथित तौर पर फर्जी तरीके से निजी लोगों के नाम दर्ज कराकर उसकी अवैध खरीद-फरोख्त की गई. मामले का खुलासा होने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई तेज कर दी है.
शासन स्तर पर शिकायत के बाद मामले की जांच कराई गई, जिसके बाद करीब 83 बीघा भूमि को दोबारा तहसील बारा के सरकारी खाते में दर्ज कर दिया गया. इस जमीन की कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है. मामले में लेखपाल प्राची सिंह परिहार की तहरीर पर लालापुर थाने में 19 लोगों और एक निजी कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है.
एक निजी कंपनी समेत इन 19 लोगों पर FIR
जानकारी के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों में शंकर लाल पांडेय, राजनाथ, बृजेश नाथ, उमेश नाथ, रेखा तिवारी, कमलेश तिवारी, रत्नेश तिवारी, प्रभात कुमार, रामदेव, सुखदेव, जयदेव, जगदेव, सचिन, पीयूष, अनीता, नीरज कुमार कुशवाहा, आनंद कुमार मिश्र, पूनम आनंद मिश्रा शामिल हैं. वहीं, साथ एके ड्रीम सिटी प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी है.
पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ लालापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं 336(3), 318(4), 61(2), 340(2) और 338 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है. प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि सरकारी भूमि को पहले फर्जी तरीके से निजी खातेदारों के नाम दर्ज कराया गया और बाद में उसकी अवैध बिक्री भी की गई.
खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल
वहीं, प्रशासन का कहना है कि भूमि घोटाला मामले की गहन जांच की जा रही है. यदि जांच में अन्य लोगों की संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी. इस पूरे प्रकरण में एक निजी कंपनी की कथित संलिप्तता सामने आने से मामला और गंभीर हो गया है. साथ ही खुलासे के बाद प्रशासनिक महकमे में भी हलचल मची है.
