महिला पहलवानों की अपील पर बृजभूषण सिंह को कोर्ट से आखिरी मौका, एक हफ्ते में देना होगा जवाब

बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ रही हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने उन्हें महिला पहलवानों की अपील पर जवाब दाखिल करने का अंतिम मौका दिया है. यह अपील निचली अदालत द्वारा बृजभूषण सिंह को बरी करने के फैसले के खिलाफ है.

पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह (फाइल फोटो)

भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के पूर्व अध्यक्ष और बीजेपी के सांसद रहे बृजभूषण शरण सिंह की मुश्किलें बढ़ सकती हैं. दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने बृजभूषण सिंह को महिला पहलवानों की अपील पर जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है. अदालत ने साफ कहा है कि इसके बाद जवाब दाखिल करने के लिए कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी.

दरअसल, ये पूरा मामला महिला पहलवानों के यौन उत्पीड़न के आरोपों से जुड़ा है. चार महिला पहलवानों ने ट्रायल कोर्ट के उस फैसले को चुनौती दी है, जिसमें बृजभूषण शरण सिंह और WFI के पूर्व सहायक सचिव विनोद तोमर को सबूतों के आधार पर बरी कर दिया गया था. कोर्ट ने बृजभूषण सिंह को जवाब दाखिल करने के एक हफ्ते का समय दिया है.

पहले भी जबाव दाखिल करने को कहा गया था

विशेष न्यायाधीश दिग्विजय सिंह की अदालत ने इस मामले में बृजभूषण शरण सिंह को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है. इससे पहले अदालत ने 9 अक्टूबर को मामले में सुनवाई के दौरान बृजभूषण शरण सिंह को जबाव दाखिल करने को कहा था. कोर्ट ने 28 अक्टूबर की तारीख भी तय की थी, लेकिन बृजभूषण शरण सिंह ने जवाब नहीं दाखिल किया.

इसपर नाराजगी जताते हुए अदालत ने 28 सितंबर को बृजभूषण सिंह, सचिव विनोद तोमर और दिल्ली सरकार को नोटिस जारी किया था. वहीं, आज सुनवाई के दौरान कोर्ट की ओर से आपत्ति जताने के बाद बृजभूषण सिंह के वकील ने जवाब दाखिल करने के लिए समय देने की मांग की. कोर्ट को बताया कि वह एक हफ्ते के अंदर अपने जबाव दाखिल कर देंगे.

मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर को होगी

अदालत इस अपील पर दोनों पक्षों की दलीलें सुन रही है. अदालत ने जबाव दाखिल करने के मांगे गए समय पर हामी भरी और बृजभूषण सिंह को एक हफ्ते का समय दिया है. साथ ही कहा कि इसके बाद उन्हें जवाब दाखिल करने के लिए कोई और मोहलत नहीं दी जाएगी. अब मामले की अगली सुनवाई 20 नवंबर 2026 को होगी.

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