दिल्ली में पत्थरबाजी मामले में सपा सांसद से होगी पूछताछ, देर रात वहीं थे मौजूद; ST हसन बोले- जुल्म हो रहा

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके के पास अतिक्रमण हटाने के दौरान पुलिस पर पत्थरबाजी हुई. इसमें कई पुलिस अधिकारी चोटिल हुए हैं. वहीं, अब पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी है. इसमें सपा सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से भी पूछताछ होगी, जो घटना स्थल पर मौजूद थे. वहीं, पूर्व सांसद ST हसन ने इसको लेकर बड़ा बयान दिया है.

समाजवादी के पूर्व सांसद एसटी हसन (फाइल फोटो)

दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में सैयद फैज इलाही मस्जिद के पास 6 जनवरी को पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर अतिक्रमण के खिलाफ बुलडेजर कार्रवाई की. देर रात अतिक्रमण हटाने के दौरान वहां भारी संख्या में भीड़ जमा हो गई और पुलिस पर पत्थरबाजी हुई. इसमें कई पुलिस अधिकारी चोटिल हुए, कइयों के सिर में टांके लगाने पड़े हैं.

वहीं, इस मामले में अब पुलिस आरोपियों की पहचान में जुटी है. CCTV फुटेज से 30 आरोपियों की पहचान हुई है, जिसे पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ छापेमारी जारी है. वहीं, पांच लोगों को अबतक हिरासत में लिया गया है. इस मामले में समाजवादी पार्टी के रामपुर से सांसद मोहिबुल्लाह नदवी से भी पूछताछ की जाएगी. इसपर पूर्व सपा सांसद एसटी हसन ने बड़ा बयान दिया.

यह ध्रुवीकरण की राजनीति का परिणाम- ST हसन

जानकारी के मुताबिक, रामपुर सांसद मोहिबुल्लाह नदवी, पत्थरबाजी के दौरान देर रात मौके पर ही मौजूद थे. वह अधिकारियों के बार-बार कहने के बावजूद घटनास्थल से नहीं गए और आसपास मौजूद थे. इस मामले में वह जांच के घेरे में आ गए हैं, जल्द ही दिल्ली पुलिस सपा सांसद को पुछताछ के लिए बुला सकती है.

इस बीच सपा के पूर्व सांसद डॉक्टर एसटी हसन ने गुरुवार को बुलडोज़र कार्रवाई पर नाराजगी जाताई. साथ ही बीजेपी पर विकास और रोज़गार जैसे असली मुद्दों से ध्यान भटकाने का आरोप लगाया. उन्होंने रामपुर सांसद नदवी का बचाव करते हुए इसे जुल्म बताया. साथ ही इसे प्रशासन की विफलता और बीजेपी की ध्रुवीकरण की राजनीति का परिणाम करार दिया.

एक्शन का रिएक्शन तो होगा ही- सपा नेता

मुरादाबाद से समाजवादी पार्टी के पूर्व सांसद एसटी हसन का कहना है कि वह कानून हाथ में लेने के खिलाफ हैं, लेकिन रात के अंधेरे में बिना विश्वास में लिए की गई कार्रवाई ने ही अफवाहों को जन्म दिया. उन्होंने मांग की कि उन अधिकारियों पर भी कार्रवाई हो जिन्होंने मस्जिद कमेटी को विश्वास में नहीं लिया.

इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि अगर इस तरह की कार्रवाई होगी तो एक्शन का रिएक्शन तो होगा ही. कब तक लोग बर्दाश्त करेंगे? कब तक मस्जिदें और मदरसों को गिराया जाएंगे. धार्मिक स्थल पर कार्रवाई से लोगों की भावनाएं और आस्था जुड़ी होती है. आदमी कब तक आंदोलन नहीं करेगा. सपा नेता ने इसे सलेक्टिव कार्रवाई बताया.