वाराणसी: नाव में इफ्तार पार्टी के आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत, अब जेल में मनाएंगे ईद

वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर चिकन बिरयानी खाने और हड्डियां फेंकने के आरोप में 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया था. अब इन सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. वहीं, नाविकों के बयान ने भी मामले को गंभीर बना दिया है, जिसमें आरोपी पर बंधक बनाने का आरोप है.

वाराणसी: इफ्तार पार्टी के आरोपियों को भेजा गया जेल

वाराणसी में गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी मामले में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है. एसीजेएम-9 कोर्ट में गुरुवार देर शाम सभी 14 आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. जिसका अर्थ है कि वे अब जेल में ही ईद मनाएंगे. साथ ही कोर्ट ने सभी आरोपियों की क्रिमिनल हिस्ट्री मांगी है. अब इनके जमानत याचिका पर अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी.

एसीजेएम-9 के कोर्ट में पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए सभी 14 आरोपियों को पेश किया गया था. जहां से कोर्ट ने सभी आरोपियों को 14 दिनों के लिए जेल भेज दिया. इस दौरान, आरोपी रोते-बिलखते भी नजर आए और कोर्ट के बाहर भी भारी गहमा-गहमी थी. वहीं, शाम सवा सात बजे भारी पुलिस फ़ोर्स की मौजूदगी में आरोपी को वैन में बैठाकर जेल ले जाया गया.

चिकन खाकर सनातनियों की भावना को ठेस पहुंचाया

सभी आरोपियों पर गंगा नदी में नाव पर इफ्तार पार्टी करने के दौरान चिकन बिरयानी खाने और बचे अवशेषों को पानी में फेंकने का आरोप है. इसका वीडियों वायरल होने के बाद पुलिस ने सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया था. वादी पक्ष के वकील शशांक शेखर ने कहा कि आरोपियों ने गंगा में चिकन खाकर हड्डी डालकर सनातनियों की भावना को ठेस पहुंचाया.

उन्होंने कोर्ट में कहा कि ये सतरहवीं शताब्दी में तोड़े गए बिंदु माधव के मंदिर की तरफ इशारा कर के जेहादी नारा लगा रहे थे. मांझी समाज के नाविक की नाव को कब्जे में लेकर नाविक को बंधक बना लिए थे. उनके इस कुकृत्य के लिए इन सभी पर रासुका की कार्रवाई होनी चाहिए. वहीं, आरोपियों के वकील राणा यादव ने एफआईआर को गलत और मनगढ़ंत बताया.

‘पुलिस ने TRP बटोरने के लिए लगाए फाल्स एलिगेशन’

बचाव पक्ष के वकील राणा यादव ने कहा कि पुलिस ने टीआरपी बटोरने के लिए फाल्स एलिगेशन लगाए हैं. नाविकों को जबरदस्ती ले जाना और गंगा में हड्डी फेंकने के आरोप बिल्कुल निराधार हैं. एआई वीडियो का सहारा लेकर पापड़ को चिकन बिरयानी दिखाया गया. गंगा घाट पर जल पुलिस की मौजूदगी में क्या ये संभव है कि नाविकों को बंधक बनाया जा सके.

एसीजेएम कोर्ट में मौजूद रहे अधिवक्ता नित्या नंद राय ने बताया कि बीते सोमवार को पंचगंगा घाट के सामने नाव पर ये 14 आरोपी इफ्तार के नाम पर चिकन बिरयानी खा रहे थे. इस मामले में सभी 14 आरोपियों पर कोतवाली थाने में 11 धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है. बाकी दस धाराओं में सजा का प्रावधान सात साल से कम का है.

नाविकों के बयान ने मामले को किया गंभीर, लगा ये धारा

हालांकि, नाविक रंजन साहनी और अनिल साहनी के बयान पर जो बीएनएस की धारा 308(5) के तहत दर्ज हुई है. इस एक धारा ने केस में ट्विस्ट ला दिया. दोनों नाविकों ने अपने बयान में कहा है कि आरोपियों ने उनको बंधक बना लिया था और जबरदस्ती नाव लेकर अपनी मर्जी से गए थे. साथ ही चिकन भी अपनी मर्जी से खा रहे थे.

नाविकों के बयान को पब्लिक प्रॉस्क्यूटर ने कोर्ट को पढ़कर सुनाया. इस धारा में सजा का प्रावधान दस साल से ऊपर है. और इस एकमात्र धारा ने आरोपियों की ईद जेल में होनी तय कर दी. आरोपियों के परिजनों ने कहा कि 18 -19 साल के लड़के हैं. नादानी में रील बनाने के चक़्कर में उनसे ग़लती हो गई है. कोर्ट को उनपर दया दिखानी चाहिए.

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