सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में दिव्यांग महिला से दरिंदगी, गर्भवती होने पर हुआ खुलासा; आरोपी गिरफ्तार

सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में मानसिक रूप से असहाय महिला के साथ दुष्कर्म का गंभीर मामला सामने आया है. पीड़िता के पांच महीने की गर्भवती होने के बाद इस घटना का खुलासा हुआ. वहीं, आरोपी कोई और नहीं बल्कि अस्पताल का एक सफाई कर्मचारी निकला, जिसे गिरफ्तार कर लिया गया है.

सैफई अस्पताल यौन शोषण मामला

इटावा के सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में मानसिक रोगी महिला के साथ दुष्कर्म की शर्मनाक घटना सामने आई है. महिला के गर्भवती होने होने के बाद यह मामला उजागर हुआ. प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर FIR दर्ज कराई है. साथ ही अस्पताल के विभागाध्यक्ष को हटाकर पूरे मामले की जांच के लिए कमेटियां गठित कर दी गई हैं.

यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता द्वारा जारी नोटिस में बताया गया कि मनोचिकित्सा विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. एके मिश्रा ने 18 मार्च को पत्र भेजकर जानकारी दी थी कि उनके वार्ड में भर्ती एक बेसहारा महिला मरीज के साथ यौन शोषण हुआ है. आरोप है कि आउटसोर्स के तहत तैनात सफाई कर्मचारी रविन्द्र ने इस वारदात को अंजाम दिया, जिसके चलते महिला गर्भवती हो गई.

विभाग के सभी आंतरिक कर्मचारियों का तबादला

वहीं, महिला के गर्भवती होने की पुष्टि के बाद यह मामला और गंभीर हो गया है, जिस पर प्रशासन, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग एक साथ सक्रिय हैं. मामले में 18 मार्च को थाना सैफई में तहरीर दी गई. इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. आरोपी के खिलाफ BNS की धारा 64(2) के तहत केस दर्ज किया है. पुलिस मामले में अन्य साक्ष्य जुटा रही है.

घटना सामने आते ही विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई अहम फैसले लिए. संबंधित विभाग के सभी आंतरिक कर्मचारियों का तत्काल स्थानांतरण कर दिया गया. साथ ही सीसीटीवी फुटेज को सुरक्षित रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जांच में किसी तरह की कमी न रहे. इसके अलावा विभागाध्यक्ष से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट भी तलब की गई है.

जांच समितियों का गठन, 48 घंटे में मांगी रिपोर्ट

पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए विश्वविद्यालय ने अधिवक्ता से कानूनी सलाह ली और उसी आधार पर जांच समितियों का गठन किया गया. 19 मार्च 2026 को तीन सदस्यीय जांच समिति बनाई गई है, जिसे 48 घंटे के भीतर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं. यह समिति विभाग के सभी जिम्मेदार लोगों की भूमिका और सुरक्षा व्यवस्था में हुई किसी भी चूक की जांच करेगी.

पीड़िता की देखरेख के लिए विशेष मेडिकल टीम गठित

महिला मरीज की देखरेख और इलाज को ध्यान में रखते हुए मुख्य चिकित्सा अधीक्षक ने ऑब्स एंड गायनी विभाग की अध्यक्षता में एक विशेष मेडिकल टीम गठित की है. साथ ही इस पूरे मामले की जानकारी जिलाधिकारी इटावा को भी भेज दी गई है, ताकि प्रशासनिक स्तर पर जरूरी दिशा-निर्देश मिल सकें. साथ ही आंतरिक शिकायत समिति से भी रिपोर्ट मांगी गई है.

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