गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए पत्नी-सास की हत्या! पति ने बर्खास्त सैनिक को ढाई लाख देकर मरवा डाला

इटावा में गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए एक पति ने अपनी पत्नी और सास की निर्मम हत्या कर दी. सफाई कर्मी पति ने बर्खास्त सैनिक के साथ मिलकर इस जघन्य वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने दोनों आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है. यह मामला कोर्ट द्वारा तय गुजारा भत्ते से बचने की साजिश का है.

गुजारा भत्ता विवाद: सफाई कर्मी पति ने पत्नी-सास को मारा

इटावा के भरथना थाना क्षेत्र के चन्देठी गांव में पत्नी और सास की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है. पुलिस ने शुक्रवार को मुख्य आरोपी पति सत्येंद्र यादव को भी गिरफ्तार कर लिया. पुलिस के मुताबिक, गुजारा भत्ता देने से बचने के लिए सत्येंद्र ने अपने रिश्तेदार और बर्खास्त सैनिक के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी.

SSP बृजेश कुमार श्रीवास्तव के मुताबिक, मुख्य आरोपी सत्येंद्र यादव अलीगढ़ में पंचायत राज विभाग में सफाई कर्मी के पद पर तैनात था. उसकी शादी 2021 में चन्देठी निवासी मंजू यादव उर्फ निर्मला से हुई थी. वैवाहिक विवाद के बाद निर्मला अपने मायके में रह रही थी. उसने मां पुष्पा देवी के साथ पति और ससुराल पक्ष के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की थी.

पहले बर्खास्त सैनिक गिरफ्तार, अब पति

इससे पहले सोमवार को बर्खास्त सैनिक मुकेश यादव को पुलिस मुठभेड़ में गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है. पुलिस इसके बाद मुख्य आरोपी सत्येंद्र की तलाश में थी. एसएसपी के मुताबिक, 20 और 21 अगस्त की रात पुलिस को सूचना मिली कि सत्येंद्र तुरैया पुल के पास मंदिर के नजदीक मौजूद है. पुलिस टीम ने पकड़ने गई तो आरोपी ने फायरिंग कर दी.

इसके बाद जवाबी कार्रवाई के बाद पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया. उसके कब्जे से 315 बोर का तमंचा, तीन जिंदा कारतूस, एक खोखा कारतूस और मृतका की एक जोड़ी पायल बरामद की गई है. पुलिस के मुताबिक, मामले में हत्या और आर्म्स एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज है. दोनों की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब अन्य पहलुओं की जांच कर रही है.

पत्नी को 3 लाख और 7 हजार महीना देना था

पुलिस पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि न्यायालय ने पत्नी को तीन लाख रुपये और सात हजार रुपये प्रतिमाह गुजारा भत्ता देने का आदेश दिया था. आरोपी के मुताबिक, ससुराल पक्ष 7 हजार रुपये की रकम बढ़ाकर 20 से 25 हजार रुपये प्रतिमाह कराने के लिए दोबारा कोर्ट जाने की तैयारी में थे. इसी भुगतान से बचने के लिए उसने दोनों की हत्या की योजना बनाई.

सत्येंद्र ने अपने रिश्तेदार और बर्खास्त सैनिक मुकेश यादव को इसमें शामिल किया. इसके तहत, 15 अगस्त को सत्येंद्र और मुकेश चौपला पुल के पास मिले थे. वहां से चार छोटी कोल्ड ड्रिंक की बोतलें खरीदी गईं. इनमें से दो बोतलों में नींद की गोलियां मिला दी गईं. इसके बाद मुकेश चन्देठी पहुंचा और उसने मंजू और पुष्पा देवी को नशीली कोल्ड ड्रिंक पिला दी.

हत्या के बाद मुकेश को फरारी के लिए ढाई लाख

नशीली कोल्ड ड्रिंक पीने और दोनों के बेहोश होने के बाद सत्येंद्र भी मौके पर पहुंच गया. आरोप है कि दोनों ने पहले पुष्पा देवी के हाथ-पैर दुपट्टे से बांधे और इसके बाद सत्येंद्र ने दरांती से पहले सास और फिर पत्नी के गले पर वार कर दोनों की हत्या कर दी. पूछताछ में सत्येंद्र ने बताया कि हत्या के बाद उसने मुकेश यादव को फरारी काटने के लिए ढाई लाख रुपये दिए थे.

चन्देठी गांव में 17 अगस्त को मंजू यादव और उसकी मां पुष्पा देवी के शव मिलने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया था. एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया था. घटना के खुलासे के लिए एसओजी, सर्विलांस और भरथना पुलिस की टीमों को लगाया गया था.

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