तरक्की के एक्सप्रेसवे पर तस्करी का रास्ता, हरदोई में शराब की बड़ी खेप पकड़ी
उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेस-वे अब शराब तस्करों का नया रूट बन गया है. हरियाणा से सस्ती शराब खरीदकर पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में ऊंचे दामों पर बेची जा रही है. हरदोई पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए अवैध शराब से लदी चार गाड़ियां जब्त की हैं. बिहार में शराबबंदी के कारण तस्करों को भारी मुनाफा होता है.
उत्तर प्रदेश का गंगा एक्सप्रेस-वे, जिसे सरकार ने तरक्की का एक्सप्रेस-वे बताया था, उसे शराब तस्करों ने तस्करी का रूट बना लिया है. इस गंगा एक्सप्रेस-वे के रास्ते शराब तस्कर हरियाणा से सस्ती शराब खरीद कर धड़ल्ले से पूर्वी उत्तर और बिहार तक पहुंचाने लगे हैं. उत्तर प्रदेश की हरदोई पुलिस ने ऐसे ही एक गिरोह का खुलासा किया है. पुलिस ने हरियाणा की शराब से लदी चार गाड़ियों को जब्त किया है.
अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी सुबोध गौतम के मुताबिक पुख्ता इनपुट पर जिले की कछौना कोतवाली पुलिस ने इस गैंग को धर दबोचा है. पुलिस ने संदेह के आधार पर एक साथ आ रही चार कारों को तलाशी के लिए रोका, लेकिन कार चालक गाड़ी छोड़कर भागने लगे. ऐसे में पुलिस ने इन्हें घेरकर अरेस्ट कर लिया है. पकड़े गए आरोपियों की पहचान खजोहना निवासी जमीर, अंबार और बबलू के रूप में हुई है. हालांकि इस दौरान इनके कुछ साथी भागने में सफल हो गए.
गाड़ियों में भरी थी शराब की खेप
पुलिस के मुताबिक इन चारो कारों में शराब की बड़ी खेप भरी थी. इसमें ऑल सीजन ब्रांड के 3,276 पौवा, ऑल सीजन ब्रांड की 594 बोतल और रॉयल स्टैग की 168 बोतलें बरामद हुईं हैं. आरोपियों ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि वे हरियाणा के सोनीपत से सस्ती शराब उठाते हैं और पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बेचते हैं. उन्हें शराब की खेप सोनीपत का रहने वाला अमित उर्फ मीते उपलब्ध कराता है.
तस्करी से मोटी कमाई
आरोपियों ने बताया कि चूंकि बिहार में शराब बंदी है, ऐसे में हरियाणा की शराब बिहार पहुंच कर छह से सात गुना अधिक कीमत पर बड़े आराम से बिक जाती है. इसी प्रकार पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी इस शराब को तीन से चार गुना ज्यादा कीमत मिल जाती है. एडिशनल एसपी के मुताबिक आरोपियों के बयान के आधार पर गैंग के कुल आठ सदस्यों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है.
सामने आया शराब तस्करी का रूट
पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने बताया कि वह सोनीपत में शराब खेप लोडकर पलवल के पास यमुना एक्सप्रेसवे पर चढ़ते हैं. फिर आगरा में आगरा लखनऊ एक्सप्रेसवे के रास्ते पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर आते हैं. आजमगढ़ पहुंचने पर गिरोह का सदस्य दीपांकर उर्फ दीपू इन्हें बिहार तक पहुंचाने की व्यवस्था करता है. इसी प्रकार गंगा एक्सप्रेसवे शुरू होने के बाद शराब तस्कर इस रूट का भी प्रयोग करने लगे हैं.
ऐसे होती है शराब तस्करी
पकड़े गए आरोपियों में तीन टैक्सी चालक हैं. इन्होंने पुलिस की पूछताछ में बताया कि उनका एक चक्कर तीन दिन का होता है. इसके लिए उन्हें 7 हजार रुपये और टीए-डीए मिलता है. इसके अलावा टैक्सी मालिक को 22 हजार रुपये मिलते हैं और डीजल पेट्रोल का खर्च अलग से मिलता है. यह सारी डीलिंग हरियाणा के सोनीपत स्थित एक ढाबे पर होती है. आरोपियों के पास से पकड़ी गई चार कारों में से दो के नंबर प्लेट फर्जी मिले हैं.
