एक ने लीवर तो दूसरे ने दिया किडनी… पिता के लिए जीवनदाता बनी बेटियां, दिल छू लेगी कहानी

गाजियाबाद में दो बेटियों ने अपने बीमार पिता जयंत त्यागी (46) को नया जीवन दिया है. पिता के किडनी और लीवर डैमेज होने पर एक बेटी ने किडनी और दूसरी ने लीवर दान कर दिया. नोएडा के अस्पताल में सफल ट्रांसप्लांट के बाद तीनों स्वस्थ हैं. इस साहसी कार्य के लिए बेटियों खुशी और ऋषिका की खूब सराहना हो रही है, जो आज की पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं.

सांकेतिक तस्वीर

राष्ट्रीय राजधानी से सटे उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक दिल छू लेने वाली घटना हुई है. यहां एक व्यक्ति मरणासन्न हालत में थे, डॉक्टरों ने उसकी किडनी और लीवर दोनों डैमेज घोषित कर दिया था. ऐसे हाल में इनकी दोनों बेटियां आगे आईं और एक ने पिता को लीवर डोनेट किया तो दूसरे ने किडनी दे दी. इस प्रकार इन बेटियों के जन्मदाता 46 वर्षीय पिता के लिए ये बेटियां ही जीवनदाता बन गईं. फिलहाल तीनों स्वस्थ हैं और अस्पताल में भर्ती हैं.

वैसे तो हर माता-पिता बच्चों के लिए भगवान होते हैं. उन्हीं माता-पिता द्वारा ही बच्चों को ना केवल जीवन मिला है, बल्कि बच्चों का लालन पालन कर बड़ा किया गया होता है. लेकिन कई बार वही बच्चे अपने माता-पिता के लिए जीवन दाता बन जाते हैं. ऐसा ही मामला गाजियाबाद शहर के मोरटा गांव में देखने को मिला है. यहां दो बहादुर बेटियों ने अपने पिता का जीवन बचाने के लिए किडनी और लीवर डोनेट किया है. ये बेटियां हैं इस गांव में रहने वाली खुशी और ऋषिका हैं.

46 साल के हैं जयंत त्यागी

इन बेटियों ने बीते सोमवार को ही नोएडा के एक निजी अस्पताल में भर्ती अपने पिता को लीवर और किडनी डोनेट किया है. जानकारी के मुताबिक यहां रहने वाले जयंत त्यागी 46 वर्ष के हैं. काफी समय से उनकी सेहत ठीक नहीं है. पिछले दिनों वह इलाज के लिए अस्पताल पहुंचे तो डॉक्टरों ने जांच कराई और बोल दिया कि किडनी और लीवर दोनों डैमेज हो चुके हैं. यह सुनते ही जयंत के परिवार में कोहराम मच गया.

खुद आगे आईं बेटियां

परिवार के लोग परेशान थे, सोच रहे थे कि आखिर कैसे जयंत की जान बचेगी. ऐसे में जयंत की बड़ी बेटी ऋषिका ने पिता को अपनी किडनी डोनेट करने की पेशकश की. ऋषिका की शादी भी नजदीक है, उसने तुरंत अपने ससुराल वालों को बताया और उनकी ओर से भी अनुमति मिल गई. इतने में छोटी बेटी खुशी जो इन दिनों बीटेक फर्स्ट ईयर में पढ़ाई कर रही है, उसने पिता को लीवर देने की बात कही.

सोमवार को हुआ ट्रांसप्लांट

फिर अस्पताल की औपचारिकताओं के बाद सोमवार को दोनों बेटियों ने पिता को अंगदान कर दिया. अस्पताल के डॉक्टरों ने बताया तीनों ही स्वस्थ हैं. हालांकि उन्हें अस्पताल के आईसीयू में रखा गया है. जल्द ही इन्हें अस्पताल से डिस्चार्ज कर दिया जाएगा. इधर, खबर बाहर आई तो पूरा शहर इन दोनों बेटियों की बहादुरी की प्रशंसा कर रहा है. लोग इन दोनों बेटियों को पापा की असली परी बता रहे हैं.

तीन बच्चों के पिता है जयंत

परिजनों के मुताबिक जयंत त्यागी के तीन बच्चे हैं. इनमें दो बेटियां और एक बेटा है. बेटियों ने जहां अपने पिता की किडनी और लीवर देकर जान बचाई, वहीं बेटा भी दिन रात अस्पताल में खड़े होकर तीनों की सेवा में जुटा है. लोग कह रहे हैं कि जिस प्रकार जयंत त्यागी के तीनों बच्चे अपने जन्मदाता की जान बचाने में जुटे हैं, उनका ध्यान रख रहे हैं, यह आज की युवा पीढ़ी के लिए बड़ी सबक है.

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