गाजियाबाद में जमीन खरीदना होगा महंगा, सर्किल रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू
गाजियाबाद में जमीन, फ्लैट और मकान खरीदना जल्द महंगा हो सकता है. जिला प्रशासन ने सर्किल रेट बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और सभी तहसीलों में बाजार दरों का सर्वे कराया जा रहा है. नई दरें तय होने के बाद स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ सकते हैं. प्रशासन का कहना है कि कई क्षेत्रों में मौजूदा सर्किल रेट बाजार मूल्य से काफी कम हैं, इसलिए संशोधन जरूरी है.
अगर आप गाजियाबाद में जमीन, फ्लैट या मकान खरीदने की योजना बना रहे हैं तो यह खबर आपके लिए अहम है. जिले में जल्द ही सर्किल रेट बढ़ सकते हैं. जिला प्रशासन ने नई दरें तय करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है. इसके लिए सभी तहसीलों में सर्वे कराया जा रहा है. सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद नए सर्किल रेट का प्रस्ताव तैयार होगा और आपत्तियां मांगने के बाद अंतिम दरें लागू कर दी जाएंगी.गाजियाबाद में जमीन और संपत्तियों की रजिस्ट्री पहले की तुलना में महंगी हो जाएगी.
दरअसल, सर्किल रेट वह न्यूनतम मूल्य होता है, जिस पर किसी संपत्ति की रजिस्ट्री की जाती है. राज्य सरकार और जिला प्रशासन समय-समय पर बाजार भाव के आधार पर इसे तय करते हैं. यदि कोई व्यक्ति बाजार मूल्य से कम कीमत पर संपत्ति खरीदता है, तब भी स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क सर्किल रेट के आधार पर ही लिया जाता है.
क्यों बढ़ाए जा रहे हैं सर्किल रेट?
गाजियाबाद में पिछले कुछ सालों में रियल एस्टेट बाजार में तेजी आई है. खासकर एनएच-9, दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे, दिल्ली-गाजियाबाद-मेरठ आरआरटीएस (नमो भारत), हिंडन एयरपोर्ट, मेट्रो विस्तार और औद्योगिक विकास के कारण कई इलाकों में जमीन और फ्लैट की कीमतें काफी बढ़ गई हैं. जिला प्रशासन का मानना है कि कई क्षेत्रों में मौजूदा सर्किल रेट बाजार मूल्य से काफी कम हैं. इसी अंतर को कम करने के लिए नई दरें तय की जा रही हैं.
सभी तहसीलों में शुरू हुआ सर्वे
प्रशासन की ओर से सभी तहसीलों के उप जिलाधिकारियों (SDM) और राजस्व अधिकारियों को बाजार दरों का सर्वे करने के निर्देश दिए गए हैं. सर्वे के दौरान पिछले एक साल में हुई संपत्तियों की खरीद-बिक्री, बाजार में चल रही वास्तविक कीमतें, नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाएं, सड़क, मेट्रो और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, औद्योगिक और व्यावसायिक गतिविधियों का विस्तार से जायजा लिया जाएगा. इन सभी आंकड़ों के आधार पर नई दरें तय की जाएंगी.
किन इलाकों में ज्यादा बढ़ सकते हैं रेट?
सूत्रों के मुताबिक, सबसे ज्यादा बढ़ोतरी उन इलाकों में हो सकती है जहां हाल के वर्षों में रियल एस्टेट की कीमतों में तेज उछाल आया है. इनमें प्रमुख रूप से राजनगर एक्सटेंशन, इंदिरापुरम, वैशाली, वसुंधरा, सिद्धार्थ विहार, क्रॉसिंग रिपब्लिक, मोदीनगर, मुरादनगर, लोनी क्षेत्र और दिल्ली सीमा से लगे इलाके शामिल हैं. इन क्षेत्रों में बाजार मूल्य और मौजूदा सर्किल रेट के बीच बड़ा अंतर बताया जा रहा है.
क्या होगा असर?
सर्किल रेट बढ़ने का सीधा असर संपत्ति खरीदने वालों की जेब पर पड़ेगा. सर्किल रेट बढ़ने के बाद स्टांप ड्यूटी अधिक देनी होगी. रजिस्ट्रेशन शुल्क बढ़ जाएगा. जमीन और फ्लैट की खरीद की कुल लागत बढ़ेगी. बिल्डरों और डेवलपर्स की परियोजनाओं की लागत भी प्रभावित हो सकती है. हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि इससे सरकारी राजस्व में वृद्धि होगी और संपत्तियों के वास्तविक मूल्यांकन में पारदर्शिता आएगी.
आपत्ति दर्ज कराने का मिलेगा मौका
नई दरों का प्रारूप तैयार होने के बाद जिला प्रशासन इसे सार्वजनिक करेगा. इसके बाद आम नागरिक, बिल्डर, प्रॉपर्टी कारोबारी और अन्य संबंधित पक्ष अपनी आपत्तियां और सुझाव दे सकेंगे. सभी आपत्तियों पर विचार करने के बाद अंतिम सर्किल रेट अधिसूचित किए जाएंगे. फिलहाल सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है. सर्वे रिपोर्ट मिलने के बाद प्रस्ताव तैयार किया जाएगा. इसके बाद आपत्तियां आमंत्रित होंगी और फिर अंतिम मंजूरी के बाद नए सर्किल रेट लागू कर दिए जाएंगे.
गाजियाबाद में लगातार बढ़ रही है प्रॉपर्टी की मांग
दिल्ली से बेहतर कनेक्टिविटी, मेट्रो नेटवर्क, नमो भारत कॉरिडोर, एक्सप्रेसवे और तेजी से विकसित हो रहे आवासीय क्षेत्रों के कारण गाजियाबाद उत्तर प्रदेश के सबसे तेजी से बढ़ते रियल एस्टेट बाजारों में शामिल हो गया है. यही वजह है कि प्रशासन अब सर्किल रेट को मौजूदा बाजार मूल्य के अनुरूप लाने की तैयारी कर रहा है.