मासूम का हत्यारा, इस्लाम का ‘दुश्मन’…सलीम वास्तिक ने 31 साल कैसे झोंकी पुलिस की आंख में धूल? पूरी दास्तां

गाजियाबाद के लोनी से मासूम के हत्यारे सलीम वास्तिक उर्फ सलीम खान उर्फ एक्स मुस्लिम को 31 साल बाद गिरफ्तार किया गया है. 1992 में दिल्ली में एक बच्चे की हत्या कर फिरौती मांगने के बाद उसे उम्रकैद हुई थी, लेकिन जमानत पर फरार हो गया था. इसके बाद यह 'एक्स-मुस्लिम' नाम से यूट्यूब चैनल चलाकर इस्लाम विरोधी सामग्री पोस्ट करता था. हाल ही में हुए हमले के बाद उसकी पहचान उजागर हुई और पुलिस ने उसे अब दबोच लिया है.

सलीम वास्तिक Image Credit:

गाजियाबाद के लोनी में छिपा शामली का सलीम वास्तिक उर्फ एक्स मुस्लिम उर्फ सलीम खान का पूरा कच्चा चिट्ठा खुल गया है. दिल्ली में एक मासूम बच्चे की हत्याकर 31 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहा यह शातिर बदमाश अब पुलिस के हत्थे चढ़ चुका है. दिल्ली पुलिस की नजर इस बदमाश पर उस समय पड़ी, जब पाकिस्तान बेस्ड अराजक तत्वों ने इसके दफ्तर में घुसकर इसका गला रेतने की कोशिश की. उसी समय मीडिया में आई इसकी तस्वीरों का पुलिस ने अपने रिकॉर्ड से मिलान किया और विधवित पुष्टि करने के बाद अब उसे गिरफ्तार किया है.

आइए, जानते हैं इस सलीम वास्तिक की पूरी कहानी. साथ में यह भी जानते हैं कि यह कैसे पुलिस की आंखों में धूल झोंकता रहा और पुलिस को भनक तक नहीं लगी. सलीम वास्तिक का असली नाम सलीम खान है. उसने अपने साथी अनिल के साथ मिलकर 31 साल पहले दिल्ली के गोकुलपुरी में एक व्यापारी के बेटे को अगवा किया था. इसने व्यापारी से फिरौती मांगी और नहीं मिलने पर इसने बचे की हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने साथी समेत सलीम को अरेस्ट किया था. इस मामले में इसे साल 1997 में उम्रकैद की सजा भी हुई थी.

जमानत पर आकर हुआ फरार

पुलिस रिकार्ड के मुताबिक साल 2000 में इसने हाई कोर्ट से जमानत ले ली और बाहर आते ही फरार हो गया. दिल्ली से भागकर यह सीधे गाजियाबाद के लोनी आया और यहीं पर नाम व पहचान बदलकर रहने लगा. इस दौरान दिल्ली पुलिस की हरकतों पर नजर रखता और जरूरत पड़ने पर मेरठ, शामली व मुजफ्फरनगर भाग जाता था. इसी बीच इसने किसी माध्यम से दिल्ली पुलिस को खबर करा दिया कि सलीम की मौत हो चुकी है. इसके नकली कागजात भी इसने दिल्ली पुलिस तक पहुंचा दिए थे. इससे दिल्ली पुलिस ने मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया. इसके बाद यह भी लोनी में यूट्यूब चैनल चलाने लगा था.

बनाई नई पहचान

सलीम ने अपनी असली पहचान छिपाने के लिए नई पहचान बना ली. इसने अपना नाम एक्स मुस्लिम रख लिया और इस्लाम के खिलाफ यूट्यूब पर वीडियो बनाने लगा. इसमें यह अक्सर इस्लाम की खामियों और कुरीतियों की चर्चा करता था. इसलिए इसके वीडियो तेजी से वायरल हो जाते थे. इससे भारत के कट्टरपंथी संगठन ही नहीं, तमाम मौलवी और पाकिस्तान में बैठे आतंकी तक नाराज हो गए. फिर बीते 27 फरवरी को पाकिस्तानी आतंकियों के इशारे पर अमरोहा के रहने वाले दो भाइयों ने इसके ऊपर जानलेवा हमला किया था. हालांकि बाद में पुलिस ने इन दोनों भाइयों को एनकाउंटर में मार गिराया था.

सलीम तक कैसे पहुंची पुलिस?

अभी हाल ही में सलीम ने शामली में मौजूद अपना पुश्तैनी मकान बेच दिया. इससे गांव वालों को पता चल गया कि यह मरा नहीं, बल्कि जिंदा है. गांव वालों ने इसकी सूचना पुलिस को दी. फिर पिछले दिनों जब इसके ऊपर हमला हुआ तो इसकी कई तस्वीरें वायरल हुई थी. पुलिस ने इन तस्वीरों से मिलान किया और पुष्टि होने के बाद भी करीब 15 दिन तक निगरानी की. आखिर में दो दिन पहले इसे अरेस्ट किया है.

मार्शल आर्ट में ब्लैकबेल्ट है सलीम

जानकारी के मुताबिक सलीम मार्शल आर्ट का खिलाड़ी रहा है. इसे मार्शल आर्ट में महारत हासिल है. इसने शाओलिन कुंग फू भी सीखा है. दिल्ली दरियागंज स्थित रामजस स्कूल में यह काफी समय तक मार्शल आर्ट इंस्ट्रक्टर के रूप में नौकरी भी करता था. बाद में मुस्तफाबाद से जैकेट सप्लाई का काम भी करने लगा. हालांकि जब जीशान और गुलफाम ने इसके ऊपर जानलेवा कोशिश की तो इसका सारा मार्शल आर्ट धरा रह गया था.

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