गंगा की बाढ़ में फंसे 12 चरवाहे और 2500 भेड़, बचाने के लिए रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन

गाजीपुर में गंगा के बढ़ते जलस्तर की वजह से 12 चरवाहे और 2500 भेंड़ें टापू पर फंस गईं. सूचना मिलने पर एसपी ईरज राजा की अगुवाई में प्रशासन ने रातभर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. अंधेरे में बचाव कार्य के लिए नाइट विजन ड्रोन कैमरे का इस्तेमाल किया गया. इस सफल अभियान में सभी चरवाहों और भेड़ों को सकुशल बचा लिया गया है.

बाढ़ में फंसे चरवाहों और भेड़ों का रेस्क्यू, इमेज सोर्स: AI

उत्तर प्रदेश में गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर से किनारे बसे जिलों में हड़कंप की स्थिति है. गंगा में आई इस बाढ़ ने गाजीपुर जिले में 12 चरवाहों और करीब ढाई हजार भेड़ों की जान मुश्किल में डाल दिया. चरवाहे इन भेड़ों को लेकर नदी के किनारे चराने गए थे. तभी अचानक नदी का पानी तेजी से बढ़ने लगा. देखते ही देखते यह सभी 12 चरवाहे और भेड़ पानी के बीच टापू पर फंस गए. घटना थाना सुहवल के पास डूहिया सरैया गांव के सामने 30 अगस्त को दोपहर बाद की है.

चरवाहों ने टापू से निकलने की काफी कोशिश की, लेकिन पानी की धारा और गहराई की वजह से उनकी एक ना चली. इतने में रात होने लगी. इतने में कहीं से गाजीपुर एसपी डॉ. ईरज राजा को सूचना मिली. आनन फानन में एडीएम, एसडीएम सदर, क्षेत्राधिकारी नगर और पुलिस-प्रशासन की संयुक्त टीम बनाकर ददरी घाट भेजी गई. जहां टीम ने पूरी रात रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर सभी चरवाहों और भेड़ों को सकुशल बचा लिया है.

ऑपरेशन में अंधेरे की बाधा

चूंकि बचाव कार्य शुरू होते समय रात काफी गहरा गई थी. ऐसे में पुलिस और प्रशासन की टीम को अंधेरे में टापू और इसपर फंसे लोगों तथा भेड़ों को ट्रैस करना काफी मुश्किल हो गया. हालात को देखते हुए नाइट विजन ड्रोन कैमरे की मदद ली गई. जैसे ही इनकी सटीक लोकेशन मिली, फ्लड कंपनी पीएसी, पुलिस टीम, प्रशासनिक अधिकारियों और स्थानीय नाविकों ने संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया.

रात भर चला ऑपरेशन

गंगा नदी के बढ़ते जलस्तर, अंधेरा और तेज धारा के बीच यह रेस्क्यू ऑपरेशन करीब छह घंटे तक चलता रहा. गनीमत रही कि बिना किसी नुकसान के टीमों ने सभी लोगों और भेड़ों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया. इस ऑपरेशन के बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस एवं प्रशासन के इस प्रयास की जमकर सराहना की.

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