ड्राइवर ही निकला कातिल, दो दोस्तों के साथ मिलकर हिंदूवादी नेता को मार डाला
हिंदुत्ववादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र की हत्या किसी बाहरी शूटर ने नहीं, बल्कि उनके ड्राइवर रवि ने दो साथियों के साथ मिलकर की. धीरेंद्र को फॉर्च्यूनर में गोली मारने के बाद शव दुबग्गा की नहर में फेंक दिया गया. पुलिस का दावा है कि जांच को भटकाने के लिए धीरेंद्र का मोबाइल ट्रेन में रख दिया गया, जिससे उसकी लोकेशन बदलती रही.
हिंदुत्ववादी नेता धीरेंद्र प्रताप सिंह की हत्या के मामले में पुलिस ने चौंकाने वाला खुलासा किया है. पुलिस के मुताबिक, धीरेंद्र की हत्या किसी बाहरी शूटर ने नहीं, बल्कि उनके ड्राइवर रवि ने अपने दो साथियों के साथ मिलकर की. हत्या के बाद शव को नहर में फेंक दिया गया और पुलिस को गुमराह करने के लिए मोबाइल की लोकेशन भी बदलने की कोशिश की गई. पुलिस के अनुसार, धीरेंद्र प्रताप सिंह को उनकी फॉर्च्यूनर गाड़ी में ही गोली मारी गई.
धीरेंद्र को दो गोलियां लगीं, जिनमें एक सिर और दूसरी पेट में लगी. इसके बाद शव को दुबग्गा इलाके की नहर में फेंक दिया गया. पुलिस ने फॉर्च्यूनर भी बरामद कर ली है. धीरेंद्र के लापता होने के बाद उनकी पत्नी ममता सिंह ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी. उन्होंने आरोप लगाया था कि उनके पति को उनका ड्राइवर अगवा करके ले गया है. इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की.
पूछताछ में ड्राइवर रवि ने पुलिस और परिवार को बताया कि धीरेंद्र अपने दोस्तों के साथ प्लासियो मॉल गए थे और वहां से कहीं चले गए. उसने यह भी दावा किया कि धीरेंद्र ने उसे घर पर यह बात नहीं बताने को कहा था, लेकिन पुलिस ने जब रवि के बताए समय के आधार पर प्लासियो मॉल और आसपास के CCTV फुटेज खंगाले तो वहां धीरेंद्र या उनकी फॉर्च्यूनर की मौजूदगी नहीं मिली. इसके बाद पुलिस का शक ड्राइवर पर गहरा गया.
मोबाइल को ट्रेन में रखकर पुलिस को किया गुमराह
पुलिस के मुताबिक, हत्या के बाद रवि ने जांच को भटकाने के लिए धीरेंद्र का मोबाइल एक ट्रेन में रख दिया था. इससे मोबाइल की लोकेशन लगातार बदलती रही और पुलिस को शुरुआत में भ्रमित करने की कोशिश की गई. CCTV फुटेज, मोबाइल लोकेशन और रवि के बयानों में विरोधाभास सामने आने के बाद उससे लगातार पूछताछ की गई. पुलिस का दावा है कि पूछताछ में रवि ने हत्या की बात कबूल की और बताया कि उसने अपने दो दोस्तों को बुलाकर वारदात को अंजाम दिया.
उन्नाव के जमीन विवाद में हत्या की आशंका
पुलिस की शुरुआती जांच में हत्या के पीछे उन्नाव में चल रहा जमीन विवाद सामने आया है. धीरेंद्र मूल रूप से उन्नाव के रहने वाले थे और लखनऊ के PGI इलाके में रहते थे. पुलिस इसी जमीन विवाद को हत्या की संभावित वजह मानकर जांच आगे बढ़ा रही है. हालांकि, पुलिस अभी हत्या की पूरी साजिश और इसमें शामिल सभी लोगों की भूमिका की पड़ताल कर रही है. अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर हत्या की पूरी कड़ी जोड़ने की कोशिश की जा रही है.
छह टीमें जांच में जुटीं
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने छह टीमें गठित की हैं. ये टीमें हत्या में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश में अलग-अलग जगहों पर दबिश दे रही हैं. पुलिस हिरासत में लिए गए आरोपियों से पूछताछ के साथ ही मोबाइल रिकॉर्ड, CCTV फुटेज और दूसरे तकनीकी साक्ष्यों की भी जांच कर रही है. पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, हत्या में शामिल किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा. शुरुआती जांच में सामने आए जमीन विवाद और आरोपियों के आपसी संबंधों की भी पड़ताल की जा रही है.
