क्या एग्जाम सेंटर पर हुए झगड़े की वजह से फेल हुए इस स्कूल के 150 छात्र? DM से लगाई गुहार

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक स्कूल के 150 से अधिक 12वीं के छात्रों के फेल होने का मामला गहरा गया है. छात्रों का आरोप है कि परीक्षा केंद्र पर हुए विवाद और मारपीट के कारण उन्हें जानबूझकर फेल किया गया है. प्रिंसिपल ने भी अंकों के पैटर्न पर संदेह जताया है. छात्रों ने डीएम से न्याय की गुहार लगाई है और अपनी कॉपियों के पुनर्मूल्यांकन की मांग की है.

12वीं फेल होने पर डीएम ऑफिस पहुंचे छात्र Image Credit:

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में एक ही स्कूल के डेढ़ सौ छात्रों के 12वीं में फेल होने का मामला गहरा गया है. प्रिंसिपल, मैनेजर और जिला विद्यालय निरीक्षक से शिकायत के बाद सभी छात्रों ने डीएम से शिकायत की है. छात्रों ने इस रिजल्ट को लेकर हंगामा करते हुए कॉपियों की फिर से चेक कराने की मांग की है. आरोप लगाया है कि उन्हें जानबूझकर फेल किया गया है. स्कूल के प्रिंसिपल ने भी कहा कि छात्रों को मिले अंकों का पैटर्न भी संदेह पैदा करता है.

मामला गोरखपुर के नंदा नगर स्थित नीना थापा स्कूल का है. इस स्कूल में 12वीं का रिजल्ट बिलकुल खराब आया है. 50 फीसदी छात्र फेल हो गए हैं. इन छात्रों की संख्या 150 से अधिक है. छात्रों का कहना है कि परीक्षा में उनके पेपर सही हुए थे. बावजूद रिजल्ट आया तो पता चला कि वो फेल हैं. छात्रों का कहना है कि उन्हें जानबूझकर फेल किया गया है. आरोप लगाया कि उन्होंने इस संबंध में स्कूल मैनेजर से बात की थी, लेकिन उन्होंने कोई रुचि नहीं ली. इससे उनका भविष्य अधर में लटका हुआ है.

प्रिंसिपल ने बताया दुर्भाग्यपूर्ण

स्कूल के प्रिंसिपल रामकुमार ने बताया कि 12वीं में 50 फ़ीसदी बच्चे फेल हुए हैं. इनके फिजिक्स, केमिस्ट्री और मैथ में नंबर कम आया है. यह दुर्भाग्यपूर्ण है, लेकिन बच्चों के आरोप पर वह टिप्पणी नहीं कर सकते. कहा कि यह घटना हमारे विद्यालय का नहीं है. वहीं छात्रों ने बताया कि जिस स्कूल में उनका सेंटर था, वहां साइकिल खड़ा करने के विवाद में मारपीट हुई थी. इसमें एक छात्र की मौत हो गई थी. छात्रों का आरोप है कि इसी विवाद की वजह से उन्हें जानबूझकर फेल किया गया है.

कई बच्चों को मिले 15 नंबर

प्रिंसिपल के मुताबिक बच्चों की शिकायत पर उन्होंने क्षेत्रीय कार्यालय में प्रार्थनापत्र दिया है. सवाल बच्चों के अंक और भविष्य का है. जिला विद्यालय निरीक्षक ने जांच का आश्वासन दिया है. उन्होंने बताया कि ना केवल 50% छात्र फेल हुए हैं, बल्कि इनके अंकों का पैटर्न भी अजीब सा है. लगातार कई बच्चों को 15 नंबर मिले हैं. इसकी वजह तो शिक्षा विभाग के अधिकारी ही बता पाएंगे.

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